Sarguja express…..
अंबिकापुर।
नगर के भाथूपारा तालाब की जमीन पर अवैध समतलीकरण और निर्माण कार्य के मामले में अब प्रशासन ने अगला कदम उठा लिया है। नगर निगम द्वारा दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम की अवधि समाप्त होने के बाद अब अतिक्रमण हटाने के लिए निगम की विशेष टीम गठित कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही तिथि निर्धारित कर सीमांकन के आधार पर तालाब की भूमि से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि तालाब की जितनी भी भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है, उस पर किए गए समतलीकरण को हटाया जाएगा। जहां-जहां मिट्टी डालकर जमीन को समतल किया गया है, उन सभी स्थानों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्य में आने वाला पूरा खर्च संबंधित अतिक्रमणकर्ता से ही वसूल किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि भाथूपारा तालाब का क्षेत्रफल पिछले एक दशक में लगातार घटता जा रहा है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार तालाब का मूल रकबा करीब 3 एकड़ 67 डिसमिल है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि अतिक्रमण के चलते यह घटकर लगभग 1 एकड़ 40 डिसमिल रह गया है। इस मुद्दे को लेकर मोहल्लेवासियों में लंबे समय से असंतोष व्याप्त था।
तालाब की जमीन पर किए जा रहे समतलीकरण और निर्माण कार्य के विरोध में स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगाते हुए जांच के निर्देश दिए थे। राजस्व और नगर निगम की संयुक्त टीम की जांच में अवैध समतलीकरण की पुष्टि होने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।
स्थानीय नागरिकों ने निगम की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि तालाब को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाएगा। उनका कहना है कि जल स्रोतों का संरक्षण बेहद जरूरी है और इस तरह के अतिक्रमण पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्ति और जल स्रोतों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

