Sarguja express…..
अंबिकापुर। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज दुबे ने E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लेकर सरकार की तैयारी पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के नाम पर ऐसी व्यवस्था लागू नहीं की जा सकती, जिससे लाखों वाहन मालिक असमंजस और आर्थिक चिंता में पड़ जाएं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में लोग 2023 से पहले खरीदे गए दोपहिया और चारपहिया वाहन चला रहे हैं। इन वाहन मालिकों के मन में लगातार यह सवाल है कि क्या उनका वाहन E20 के लिए पूरी तरह उपयुक्त है? यदि नहीं, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? सरकार ने आज तक इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश, व्यापक जागरूकता अभियान या सहायता व्यवस्था क्यों नहीं बनाई?
मनोज दुबे ने कहा कि सरकार जनता को केवल नई नीति बता रही है, लेकिन उसके प्रभाव, सावधानियों और संभावित तकनीकी आवश्यकताओं पर चुप्पी साधे हुए है। यदि किसी वाहन निर्माता ने कुछ मॉडलों के लिए विशेष सलाह दी है, तो वह जानकारी गांव-गांव तक क्यों नहीं पहुंचाई जा रही? आखिर आम नागरिक बिना स्पष्ट जानकारी के कैसे निर्णय ले?
उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में E20 के उपयोग के कारण किसी वाहन में तकनीकी समस्या आती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? क्या सरकार, तेल कंपनियां या वाहन निर्माता इसकी जवाबदेही लेने को तैयार हैं? इन सवालों पर सरकार को स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब देना चाहिए।
आम आदमी पार्टी की मांग है कि—
– राज्य सरकार E20 पर विस्तृत श्वेत पत्र जारी करे।
– सभी वाहन मालिकों के लिए स्पष्ट और सरल दिशा-निर्देश तत्काल जारी किए जाएं।
– प्रत्येक पेट्रोल पंप पर E20 के उपयोग, उपयुक्त वाहनों और आवश्यक सावधानियों की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।
– पुराने वाहन मालिकों के लिए तकनीकी जांच, परामर्श और आवश्यकता पड़ने पर राहत या सहायता योजना घोषित की जाए।
– जब तक व्यापक जनजागरूकता और आवश्यक तैयारी पूरी न हो, तब तक लोगों को भ्रम की स्थिति में छोड़कर E20 के प्रचार-प्रसार से बचा जाए।
मनोज दुबे ने कहा कि सरकार नई नीतियां लागू करने से पहले जनता का विश्वास जीते। नीति का उद्देश्य जनता को सुविधा देना होना चाहिए, न कि उन्हें अनिश्चितता और अतिरिक्त आर्थिक बोझ की आशंका में डालना। सरकार को जवाब देना होगा कि E20 लागू करने से पहले आम नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए उसने अब तक कौन-कौन से ठोस कदम उठाए हैं।

