Sarguja express…..
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड को टीबी मुक्त घोषित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित मापदंडों पर खरा उतरने के लिए बतौली विकासखंड का तीन चरणों में मूल्यांकन किया जा रहा है। पहले दो चरणों का मूल्यांकन पूरा होने के बाद अब 25 सितंबर को विश्व स्वास्थ्य संगठन और जपैगो की संयुक्त टीम बतौली पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की जमीनी हकीकत का आकलन करेगी।
संयुक्त टीम के भ्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। मूल्यांकन के दौरान टीबी मरीजों की पहचान, जांच, उपचार, नियमित निगरानी और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। टीबी मुक्त बतौली अभियान के अंतर्गत मूल्यांकन की प्रक्रिया तीन चरणों में निर्धारित की गई है। पहले चरण में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े विभागीय अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों ने क्षेत्र का प्रारंभिक मूल्यांकन किया। इस दौरान कार्यक्रम की गतिविधियों और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का आकलन किया गया। दूसरे चरण में राज्य स्तरीय टीम ने निर्धारित मानकों के आधार पर बतौली विकासखंड का मूल्यांकन किया। अब तीसरे और महत्वपूर्ण चरण में विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं जपैगो की संयुक्त टीम 25 सितंबर को क्षेत्र का भ्रमण कर विस्तृत सत्यापन करेगी।
मरीजों के उपचार से लेकर अभिलेखों तक की होगी जांच
संयुक्त टीम टीबी मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही जांच एवं उपचार सुविधाओं, नियमित निगरानी, स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों के संधारण और सामुदायिक सहभागिता की गहन समीक्षा करेगी। इसके साथ ही टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित अन्य संकेतकों का भी मूल्यांकन किया जाएगा। टीम यह आकलन करेगी कि मरीजों की समय पर पहचान और जांच के साथ उन्हें नियमित उपचार एवं शासन की योजनाओं का लाभ किस स्तर तक मिल रहा है। इस मूल्यांकन के आधार पर बतौली विकासखंड को टीबी मुक्त घोषित करने की प्रक्रिया में आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के लिए यह मूल्यांकन टीबी उन्मूलन की दिशा में किए गए प्रयासों और उपलब्धियों को परखने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।

