23 September 2026
एक पैर से दिव्यांग, रोज 50 किमी साइकिल से कॉलेज… किसान के बेटे संजय ने जेआरएफ में हासिल की 158वीं रैंक
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एक पैर से दिव्यांग, रोज 50 किमी साइकिल से कॉलेज… किसान के बेटे संजय ने जेआरएफ में हासिल की 158वीं रैंक

Sarguja express…..
पढ़ाई का खर्च जुटाने पिता के साथ बाजार में बेचे समोसे, खेती में भी बंटाया हाथ; बिना कोचिंग स्व-अध्ययन से हासिल की बड़ी सफलता

अंबिकापुर। परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, लक्ष्य के प्रति समर्पण और लगातार मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है। सूरजपुर जिले के छोटे से गांव करकोली नया के किसान परिवार से निकले संजय कुमार ने इसे साबित किया है। एक पैर से दिव्यांग होने और आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई नहीं छोड़ी। कभी स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए रोजाना करीब 50 किलोमीटर साइकिल चलाने वाले संजय ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की कनिष्ठ अनुसंधान अध्येतावृत्ति परीक्षा में 158वीं रैंक हासिल की है।

संजय शासकीय आरआरएम स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के रसायन शास्त्र विभाग के पूर्व विद्यार्थी हैं। उन्होंने यहां से रसायन शास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की। वर्तमान में वे गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के रसायन शास्त्र विभाग से पीएचडी कर रहे हैं। इसके साथ ही शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में रसायन शास्त्र के अतिथि व्याख्याता के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

संजय ग्राम करकोली नया निवासी किसान बच्चू लाल सोनी के पुत्र हैं। दसवीं, बारहवीं, स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान उन्हें आर्थिक और शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। एक पैर से दिव्यांग होने के बावजूद वे करीब पांच वर्षों तक प्रतिदिन लगभग 50 किलोमीटर साइकिल से महाविद्यालय आते-जाते थे। इस सफर में करीब चार घंटे लग जाते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए संजय पढ़ाई के साथ कृषि कार्य में भी हाथ बंटाते थे। पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए वे पिता और परिवार के साथ अलग-अलग बाजारों में समोसे भी बेचते थे। कई बार महाविद्यालय से आधे दिन की छुट्टी लेकर बाजार पहुंचते और पिता के साथ दुकान लगाते थे। इन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी।

संजय ने अपनी सफलता का श्रेय आरआरएम महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. विकेश कुमार झा के निरंतर मार्गदर्शन, सहयोग और प्रोत्साहन को दिया है।

उन्होंने गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में शोध के दौरान अपने शोध निर्देशक डॉ. नीरज सिंह, प्रो. जी.के. पात्रा, विभागाध्यक्ष प्रो. के.सी. देवांगन, विभाग के सभी प्राध्यापकों तथा शोध प्रयोगशाला के साथियों, विशेष रूप से देवानंद साहू से मिले सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।

रसायन शास्त्र विभाग के अनुसार डॉ. विकेश कुमार झा के मार्गदर्शन में विभाग के कई पूर्व विद्यार्थी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा, अभियांत्रिकी स्नातक अभिक्षमता परीक्षा और राज्य पात्रता परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुके हैं।

संजय कुमार की उपलब्धि पर शासकीय आरआरएम स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य, प्राध्यापकों, रसायन शास्त्र विभाग तथा गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के रसायन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष, शोध निर्देशक, प्राध्यापकों और विश्वविद्यालय परिवार ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं सफल शोध यात्रा की कामना की है।

बिना कोचिंग के कई प्रतिष्ठित परीक्षाएं की उत्तीर्ण

संजय ने किसी कोचिंग संस्थान का सहारा नहीं लिया। उन्होंने स्व-अध्ययन और आवश्यकता पड़ने पर इंटरनेट पर उपलब्ध शैक्षणिक सामग्री की मदद से तैयारी की। वे इससे पहले विश्वविद्यालय शोध प्रवेश परीक्षा, छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा, अभियांत्रिकी स्नातक अभिक्षमता परीक्षा, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा तथा छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा के द्वितीय प्रश्नपत्र में भी सफलता हासिल कर चुके हैं।

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