22 September 2026
शब्दों में गूंजे समय के सवाल, कविताओं में मुखर हुए सामाजिक सरोकार
आयोजन बैठक राज्य साहित्य कविताएं

शब्दों में गूंजे समय के सवाल, कविताओं में मुखर हुए सामाजिक सरोकार

Sarguja express…..

प्रगतिशील लेखक संघ के 90वें स्थापना वर्ष पर अंबिकापुर में राज्य स्तरीय काव्य पाठ, राज्य कार्यकारिणी की बैठक में कुनकुरी-जशपुर में अगला प्रांतीय सम्मेलन कराने का निर्णय

अंबिकापुर। प्रगतिशील लेखक संघ के 90वें स्थापना वर्ष के अवसर पर अंबिकापुर में साहित्य, समाज और समकालीन जीवन के विविध रंग एक मंच पर दिखाई दिए। प्रगतिशील लेखक संघ छत्तीसगढ़ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के साथ होटल पंचानन में राज्य स्तरीय काव्य पाठ का आयोजन किया गया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे साहित्यकारों और कवियों ने जहां संगठन की गतिविधियों और भावी कार्यक्रमों पर मंथन किया, वहीं काव्य पाठ में सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं को स्वर दिया।
प्रगतिशील लेखक संघ छत्तीसगढ़ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय अध्यक्ष नथमल शर्मा ने की। अध्यक्ष मंडल में वरिष्ठ सदस्य रवि श्रीवास्तव, वेद प्रकाश अग्रवाल, लोकबाबू, विजय गुप्त और रामकुमार मिश्र के साथ वरिष्ठ साहित्यकार आशा शर्मा तथा प्रलेस अंबिकापुर जिला इकाई की अध्यक्ष डॉ. मृदुला सिंह मौजूद रहीं।
बैठक में प्रदेश की विभिन्न जिला इकाइयों के अध्यक्ष, सचिव और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रारंभ में प्रलेस छत्तीसगढ़ के महासचिव ने मुंबई में राष्ट्रीय प्रगतिशील लेखक संघ द्वारा आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी की विस्तृत जानकारी देने के साथ वर्षभर की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के निर्णय के अनुसार आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन चेन्नई में आयोजित होगा।
इसके बाद जिला इकाइयों की ओर से सालभर की गतिविधियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। अंबिकापुर इकाई से सचिव आशीष कुमार शर्मा, कुनकुरी-जशपुर से मुकेश कुमार, बिलासपुर से अशोक शिरोडे, रायपुर से नंद कुमार कंसारी, राजनांदगांव से पोषण लाल वर्मा, खैरागढ़ से गिरधर सिंह राजपूत तथा भिलाई-दुर्ग इकाई से परमेश्वर वैष्णव ने अपनी-अपनी इकाइयों की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यकारिणी सदस्यों ने भावी कार्यक्रमों को लेकर अनेक सुझाव भी दिए।
कुनकुरी-जशपुर में होगा अगला प्रांतीय सम्मेलन

बैठक में आगामी राज्य अधिवेशन को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। कुनकुरी-जशपुर जिला इकाई की अध्यक्ष कुसुम माधुरी टोप्पो और सचिव मुकेश कुमार ने अपनी इकाई में प्रांतीय सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। प्रांतीय अध्यक्ष नथमल शर्मा के अनुमोदन और सदस्यों की सर्वसम्मति के बाद प्रस्ताव स्वीकार किया गया। इसके साथ ही आगामी प्रांतीय सम्मेलन कुनकुरी-जशपुर में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

कविताओं में दिखा समकालीन जीवन का आईना

दूसरे सत्र में प्रगतिशील लेखक संघ के 90वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में होटल पंचानन में राज्य स्तरीय काव्य पाठ हुआ। अध्यक्ष मंडल में रवि श्रीवास्तव, वेद प्रकाश अग्रवाल, नथमल शर्मा, विजय गुप्त, प्रो. रामकुमार मिश्र और रफीक खान मंचस्थ रहे। काव्य पाठ में कुसुम माधुरी टोप्पो, विश्वासी एक्का, रफीक खान, परमेश्वर वैष्णव, जय प्रकाश, संजय शाम, पथिक तारक, नंद कुमार कंसारी, जीवेश प्रभाकर, डॉ. मृदुला सिंह, अशोक शिरोडे, नीरज वर्मा, संकल्प यदु, हरेन्द्र कंवर, गिरधर सिंह राजपूत, प्रियंका मिश्रा, मुकेश कुमार, पोषण लाल वर्मा और मनव्वर असर्फी ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। अध्यक्ष मंडल से रवि श्रीवास्तव, वेद प्रकाश अग्रवाल, नथमल शर्मा और विजय गुप्त ने भी अपनी प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ किया।
कविताओं में समकालीन जनजीवन, सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाएं और वर्तमान समय के विविध अनुभव मुखर हुए। युवा रचनाकारों की कविताओं ने भी श्रोताओं का ध्यान खींचा।
काव्य पाठ की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने प्रतिभागी कवियों की प्रस्तुतियों पर टिप्पणी करते हुए युवा कवियों को संभावनाशील बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं की रचनाओं में समकालीन जीवन और सामाजिक सरोकारों की विविध अभिव्यक्तियां दिखाई देती हैं। उन्होंने आयोजन के लिए प्रगतिशील लेखक संघ अंबिकापुर इकाई को बधाई दी।

जनगीतों ने बांधा समां

काव्य पाठ की शुरुआत में इप्टा अंबिकापुर के अध्यक्ष अंजनी कुमार पाण्डेय, कृष्णानंद तिवारी, देवेंद्र दास सोनवानी एवं अन्य साथियों ने जनगीतों की प्रस्तुति दी।
पूरे आयोजन में प्रलेस छत्तीसगढ़ की कोषाध्यक्ष डॉ. सत्यभामा अवस्थी सहित राज्य कार्यकारिणी सदस्य नरेश अग्रवाल, राजेश कुमार मिश्रा, डॉ. कोमल सिंह शार्वा, शिव शंकर अग्रवाल और श्याम बिहारी बनाफर विशेष रूप से उपस्थित रहे।
काव्य पाठ सत्र का संचालन प्रगतिशील लेखक संघ अंबिकापुर की अध्यक्ष डॉ. मृदुला सिंह ने किया, जबकि सचिव आशीष कुमार शर्मा ने आभार व्यक्त किया। आयोजन में स्थानीय साहित्यिक संगठनों से जुड़े रचनाकारों, रंगकर्मियों और नगर के साहित्यप्रेमियों सौरभ बाजपेई ,महेश वर्मा, गुड्डू त्रिपाठी सहित अन्य की भी रचनात्मक भागीदारी रही।

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