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सफाई कर्मचारियों ने दी निगम प्रशासन को दो टूक चेतावनी, वेतन और पीएफ भुगतान सहित चार मांगें पूरी नहीं हुईं तो शहर में नहीं उठेगा कचरा
अंबिकापुर। दीपावली जैसे बड़े त्योहार के बीच अंबिकापुर शहर की सफाई व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। शहर को साफ-सुथरा रखने की जिम्मेदारी संभालने वाले सफाई कर्मचारी अब अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ने नगर निगम प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 4 नवंबर 2026 तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो 5 नवंबर से सभी सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन शुरू कर देंगे। ऐसे में त्योहार के ठीक पहले शहर में कचरा उठाव और साफ-सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
संगठन की ओर से नगर पालिक निगम आयुक्त को सौंपे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दीपावली पर्व को देखते हुए सफाई कर्मचारियों का लंबित अक्टूबर माह का वेतन 4 नवंबर तक अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाए। इसके साथ ही जीपीएफ और ईपीएफ की राशि कर्मचारियों के खातों में जमा कराने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन से कटौती तो नियमित रूप से की जाती है, लेकिन संबंधित राशि समय पर खातों में जमा नहीं कराई जा रही है।
सफाई मजदूर कांग्रेस ने अपनी चार प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें अक्टूबर 2026 तक का लंबित वेतन भुगतान, वेतन से काटी गई जीपीएफ-ईपीएफ की राशि ब्याज सहित जमा कराना, भविष्य में हर महीने नियमित रूप से पीएफ की राशि कर्मचारियों के खातों में जमा करना और कई वर्षों से लंबित समयमान वेतन की एरियर्स राशि का भुगतान शामिल है।
संगठन ने इन सभी मांगों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित करने की भी मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याएं लंबित हैं, लेकिन निगम प्रशासन की ओर से ठोस पहल नहीं की जा रही है।
ड्यूटी पर रहेंगे, लेकिन नहीं करेंगे काम
संगठन ने अपने आंदोलन की रणनीति भी स्पष्ट कर दी है। चेतावनी दी गई है कि 4 नवंबर तक मांगें पूरी नहीं होने पर 5 नवंबर से सभी सफाई कर्मचारी अपने-अपने निर्धारित जोन में ड्यूटी पर उपस्थित तो रहेंगे, लेकिन काम का बहिष्कार करेंगे। यानी कर्मचारी कार्यस्थल पर मौजूद रहेंगे, लेकिन शहर की सफाई, कचरा उठाव सहित अन्य काम नहीं करेंगे। संगठन ने आंदोलन के लिए पूरी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होने की बात कही है।
त्योहार के समय बढ़ सकती है आम लोगों की परेशानी
दीपावली के दौरान बाजारों और रिहायशी इलाकों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कचरा निकलता है। ऐसे समय में यदि सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया तो शहर के प्रमुख बाजारों, सड़कों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे का ढेर लगने की आशंका है। पहले से ही कई इलाकों में सफाई और कचरा उठाव को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में आंदोलन लंबा खिंचने पर आम नागरिकों को गंदगी, दुर्गंध और अव्यवस्था का सामना करना पड़ सकता है। संगठन के जिला अध्यक्ष मूसन राम, जिला उपाध्यक्ष संतोष रावत और क्षेत्रीय अध्यक्ष सविता राउत ने निगम प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करने की अपील की है। अब देखना होगा कि दीपावली से पहले निगम प्रशासन कर्मचारियों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है या फिर त्योहार के बीच शहर की सफाई व्यवस्था आंदोलन की भेंट चढ़ती है।

