6 August 2026
स्मार्ट मीटर और बढ़ती बिजली दरों ने आम जनता की ज़िंदगी मुश्किल कर दी है, सरकार तत्काल जनहित में हस्तक्षेप करे – अंसारी
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स्मार्ट मीटर और बढ़ती बिजली दरों ने आम जनता की ज़िंदगी मुश्किल कर दी है, सरकार तत्काल जनहित में हस्तक्षेप करे – अंसारी

Sarguja express…..

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर की स्थापना और लगातार बढ़ती बिजली दरों को लेकर प्रदेश की जनता में गहरा असंतोष व्याप्त है। गरीब परिवार, मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, कर्मचारी और आम उपभोक्ता आज बढ़ते बिजली बिलों के कारण आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। यह केवल बिजली का मुद्दा नहीं, बल्कि हर परिवार की रसोई, बच्चों की पढ़ाई, खेती, रोजगार और जीवन-यापन से जुड़ा गंभीर जनहित का विषय बन चुका है। जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग, सरगुजा (अंबिकापुर) के अध्यक्ष रशीद अहमद अंसारी ने जारी बयान में कहा कि सरकार की पहली जिम्मेदारी जनता को राहत देना है, न कि ऐसी व्यवस्था बनाना जिससे लोगों की चिंताएं और बढ़ जाएं। यदि बड़ी संख्या में उपभोक्ता बिजली बिलों और स्मार्ट मीटर को लेकर सवाल उठा रहे हैं, तो उन आवाज़ों को नज़रअंदाज़ करना लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज हर गली, हर मोहल्ले और हर गांव में बिजली बिल चर्चा का विषय बना हुआ है। महंगाई पहले ही आम नागरिक की कमर तोड़ चुकी है, ऐसे में बिजली का बढ़ता खर्च लोगों के लिए नई आर्थिक चुनौती बन गया है। सरकार को जनता के विश्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। रशीद अहमद अंसारी ने मांग की कि स्मार्ट मीटर प्रणाली की स्वतंत्र तकनीकी समीक्षा कराई जाए, उपभोक्ताओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो, जिन लोगों को असामान्य बिजली बिल मिले हैं उन्हें तत्काल राहत दी जाए तथा बिजली दरों में वृद्धि पर पुनर्विचार किया जाए। गरीब, मध्यम वर्ग, किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए विशेष राहत योजना लागू की जाए ताकि किसी परिवार पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े। उन्होंने कहा कि बिजली कोई विलासिता नहीं, बल्कि हर नागरिक का बुनियादी अधिकार और आधुनिक जीवन की आवश्यक सेवा है। ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिसमें उपभोक्ता को सुविधा, पारदर्शिता और न्याय मिले, न कि भ्रम और चिंता। रशीद अहमद अंसारी ने प्रदेश की सभी सामाजिक संस्थाओं, व्यापारी संगठनों, किसान संगठनों, छात्र संगठनों और जागरूक नागरिकों से अपील की कि वे इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ बुलंद करें ताकि सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं को समझे और प्रभावी समाधान निकाले।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह किसी राजनीतिक दल के लाभ या हानि का प्रश्न नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की करोड़ों जनता के अधिकार, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का प्रश्न है। जनता के हित से बड़ा कोई हित नहीं हो सकता।

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