28 July 2026
वीएसके ऐप की तकनीकी खामियां दूर किए बिना वेतन कटौती अन्यायपूर्ण : कमलेश सिंह
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वीएसके ऐप की तकनीकी खामियां दूर किए बिना वेतन कटौती अन्यायपूर्ण : कमलेश सिंह

Sarguja express

सरगुजा के दर्जनों गांवों में नेटवर्क की समस्या, बारिश में बिजली गुल रहने से ऑनलाइन उपस्थिति प्रभावित

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन, जिला सरगुजा ने वीएसके ऐप के माध्यम से दर्ज ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर शिक्षकों के वेतन आहरण एवं कम उपस्थिति पर वेतन कटौती संबंधी निर्देशों का विरोध किया है। संगठन का कहना है कि जब तक ऐप की तकनीकी खामियों का पूरी तरह समाधान नहीं हो जाता, तब तक केवल ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन काटना शिक्षकों के साथ अन्याय होगा।
जिला अध्यक्ष कमलेश सिंह ने कहा कि सरगुजा जिले सहित प्रदेश के अनेक विद्यालय ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां आज भी मोबाइल नेटवर्क, जीपीएस, लोकेशन और सर्वर संबंधी समस्याएं बनी हुई हैं। इसके कारण समय पर विद्यालय पहुंचने वाले शिक्षकों की उपस्थिति भी वीएसके ऐप में दर्ज नहीं हो पाती। ऐसे में विद्यालयों में संधारित ऑफलाइन उपस्थिति पंजी की अनदेखी कर केवल ऐप के आधार पर कार्रवाई करना व्यवहारिक और न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक प्रतिदिन विद्यालय पहुंचकर उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर कर रहे हैं, तो बिना उसके भौतिक सत्यापन के केवल तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण ऐप के आधार पर वेतन कटौती का आदेश उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब विद्यालयों में संधारित ऑफलाइन उपस्थिति पंजी का कोई महत्व नहीं रह गया है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने भी कहा कि शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था के विरोधी नहीं हैं, लेकिन तकनीकी खामियों वाले ऐप के आधार पर आर्थिक दंड देना उचित नहीं है। उन्होंने शासन से पहले वीएसके ऐप की सभी तकनीकी समस्याओं का समाधान करने तथा पूरे प्रदेश में एक समान और विश्वसनीय बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने की मांग की।
जिला अध्यक्ष कमलेश सिंह सहित जिला पदाधिकारी काजेश घोष, रामबिहारी गुप्ता, लव गुप्ता, सुरित राजवाड़े, संजय चौबे, अरविंद सिंह, अमित सिंह, अनिल तिग्गा, प्रशांत चतुर्वेदी और रमेश यागिक ने कहा कि सरगुजा के कई विद्यालय दूरस्थ, पहाड़ी और नेटवर्कविहीन क्षेत्रों में स्थित हैं। बारिश के दिनों में कई स्थानों पर कई-कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, जिससे मोबाइल फोन चार्ज करना भी संभव नहीं हो पाता। इसके कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने में शिक्षकों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
शिक्षक संघ ने शासन से मांग की है कि वीएसके ऐप की तकनीकी त्रुटियों का शीघ्र निराकरण किया जाए, विद्यालयों की उपस्थिति पंजी का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही तकनीकी कारणों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने की स्थिति में किसी भी शिक्षक का वेतन काटने या रोकने की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से निरस्त की जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तकनीकी समस्याओं का समाधान किए बिना वेतन कटौती जैसी कार्रवाई जारी रही, तो शिक्षकों के हित में लोकतांत्रिक एवं संगठनात्मक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। साथ ही शासन से आग्रह किया गया है कि सरगुजा जैसे दूरस्थ, पहाड़ी एवं पहुंचविहीन क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए व्यवहारिक और प्रभावी उपस्थिति प्रणाली विकसित की जाए।

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