23 July 2026
प्रतापपुर पेंडारी घाट बना ‘मौत का घाट’ — लगातार सड़क हादसों से उठ रहे गंभीर सवाल, रोजाना पलट रहा है भारी भरकम ट्रक…..ओवर लोड दौड़ रहे बेखौफ ट्रक, ट्रक पलट से देख ड्राइवर व क्लीनर में बचाई जान ट्रक से कूद कर
राज्य समस्या हादसा

प्रतापपुर पेंडारी घाट बना ‘मौत का घाट’ — लगातार सड़क हादसों से उठ रहे गंभीर सवाल, रोजाना पलट रहा है भारी भरकम ट्रक…..ओवर लोड दौड़ रहे बेखौफ ट्रक, ट्रक पलट से देख ड्राइवर व क्लीनर में बचाई जान ट्रक से कूद कर

Sarguja express…..

प्रतापपुर। प्रतापपुर–पेंडारी घाट मार्ग लगातार सड़क दुर्घटनाओं के कारण क्षेत्र के सबसे खतरनाक मार्गों में गिना जाने लगा है। आज दोपहर की घटना से घाट पिंडारी घाट पर फिर से एक बार सवाल खड़े हो गएहैं बताया जा रहा है कि दिल्ली से उत्तर प्रदेश जा रही है ट्रक लोहा एवं लोहा के चादर लोड ट्रक फिर से एक बार दुर्घटनाग्रस्त हो गया है बताया जा रहा है कि ओवरलोड के कारण एवं ड्राइवर की लापरवाही से ट्रक खाई में जा गिरी, जिसके वजह से ड्राइवर एवं क्लीनर खुद कूद अपना जान बचाई नहीं तो लोहे का चादर उनके गले को काटता हुआ सीधा बाहर निकल जाता, इसदुर्घटना के बात क्षेत्र में दुर्घटना से हड़कंप मचा हुआ है,घुमावदार मोड़, तीखी ढलान, पहाड़ी क्षेत्र और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण यहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। इन दुर्घटनाओं में अब तक बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है, जबकि अनेक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस घाट में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सड़क का चौड़ीकरण करने, पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाने, क्रैश बैरियर, स्ट्रीट लाइट और नियमित रखरखाव की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस और स्थायी पहल नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप हर कुछ दिनों में किसी न किसी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर सामने आती रहती है।
ग्रामीणों और वाहन चालकों का आरोप है कि बरसात के मौसम में यह मार्ग और अधिक खतरनाक हो जाता है। फिसलन, खराब दृश्यता और सड़क की जर्जर स्थिति के कारण दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाते, तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पेंडारी घाट को दुर्घटना मुक्त बनाने के लिए तत्काल विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए। सड़क का तकनीकी सर्वे कराकर आवश्यक सुधार कार्य, सुरक्षा रेलिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर, स्पीड कंट्रोल उपाय तथा नियमित पुलिस और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कब तक पेंडारी घाट पर लोग अपनी जान गंवाते रहेंगे? क्या किसी बड़ी कार्रवाई के लिए हर बार एक और हादसे का इंतजार किया जाएगा? क्षेत्र की जनता अब इस संवेदनशील मुद्दे पर शासन और प्रशासन से तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है।

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