Sarguja express…..
अंबिकापुर। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंबिकापुर और विकासखंड शिक्षा कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों व कर्मचारियों को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक विभाग) के प्रदेश महासचिव परवेज़ आलम गांधी ने कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौंपकर जिला शिक्षा अधिकारी पर शासन के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने 23 जून 2026 को आयोजित बैठक में प्रदेश के सभी संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जिला और विकासखंड शिक्षा कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों एवं कर्मचारियों को तत्काल उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजा जाए।
कांग्रेस नेता परवेज़ आलम गांधी ने आरोप लगाया है कि शासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। न तो जिला कार्यालय में संलग्न शिक्षकों को कार्यमुक्त किया गया है और न ही विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में कोई निर्देश जारी किए गए हैं।
उन्होंने इसे शासन के आदेशों की अवहेलना और तानाशाहीपूर्ण रवैया करार दिया है।
ज्ञापन में दावा किया गया है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंबिकापुर में केवल 37 अधिकारी-कर्मचारियों का स्वीकृत सेटअप है, जबकि वर्तमान में वहां कुल 67 शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी 30 अतिरिक्त कर्मचारियों को संलग्न कर रखा गया है।
कांग्रेस का आरोप है कि इन अतिरिक्त कर्मचारियों से प्रभावी कार्य नहीं लिया जा रहा, लेकिन उन्हें नियमित वेतन दिया जा रहा है, जिससे शासन को हर महीने लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हो रही है।
वित्तीय अनियमितताओं के भी लगाए आरोप
ज्ञापन में विशेष रूप से भरत अग्रवाल का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उनका मूल पदस्थापन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंडीकला (लुंड्रा) में है, लेकिन वे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संलग्न हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया है कि जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित कर्मचारी के बीच मिलीभगत है तथा विभाग के वित्तीय और खरीद संबंधी कार्य इन्हीं के माध्यम से कराए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
तत्काल कार्यमुक्ति की मांग
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संलग्न 30 शिक्षकों और कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त करने की मांग की है। इनमें भरत अग्रवाल और संतोष साहू का नाम भी शामिल बताया गया है।
अब यह मामला प्रशासनिक स्तर पर पहुंच चुका है और सभी की नजर कलेक्टर की कार्रवाई पर टिकी है। यदि आरोपों की जांच होती है तो शिक्षा विभाग में बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

