Sarguja express….
अंबिकापुर। आज हॉस्पिटल संगठन सरगुजा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले के विभिन्न निजी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं कुछ स्वयंभू इनफ्लुएंसर्स द्वारा बिना तथ्यों की पुष्टि किए अस्पतालों और चिकित्सकों के विरुद्ध भ्रामक, अपुष्ट एवं प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाली सामग्री प्रसारित किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि सेवा, संवेदनशीलता और विश्वास का क्षेत्र है। प्रत्येक चिकित्सक एवं अस्पताल का प्रयास रहता है कि प्रत्येक मरीज को उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप सर्वोत्तम उपचार, उचित मार्गदर्शन और मानवीय व्यवहार प्रदान किया जाए। अनेक बार अस्पताल अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर भी मरीजों और उनके परिजनों की हरसंभव सहायता करते हैं।
संगठन ने चिंता व्यक्त की कि कुछ घटनाओं को बिना तथ्यात्मक जांच के सोशल मीडिया पर इस प्रकार प्रस्तुत किया जा रहा है, जिससे डॉक्टर और मरीज के बीच वर्षों से बना विश्वास कमजोर हो रहा है। यह प्रवृत्ति दोनों पक्षों के बीच अनावश्यक दूरी, भय और अविश्वास पैदा कर रही है, जिसका सबसे अधिक नुकसान अंततः मरीजों और स्वास्थ्य व्यवस्था को ही उठाना पड़ता है।
बैठक में यह भी कहा गया कि यदि किसी व्यक्ति को किसी अस्पताल या चिकित्सकीय सेवा के संबंध में शिकायत है, तो उसके समाधान के लिए शासन द्वारा निर्धारित सक्षम प्राधिकारी एवं वैधानिक व्यवस्थाएँ उपलब्ध हैं। तथ्यों की पुष्टि किए बिना किसी अस्पताल या चिकित्सक को सोशल मीडिया पर बदनाम करना न तो न्यायोचित है और न ही समाज के हित में।
सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि हॉस्पिटल संगठन सरगुजा समाज में डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक सकारात्मक जन-जागरूकता अभियान चलाएगा। साथ ही, यदि किसी संस्था या चिकित्सक की प्रतिष्ठा को दुर्भावनापूर्ण एवं तथ्यहीन प्रचार के माध्यम से नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया जाता है, तो ऐसे मामलों में आवश्यक कानूनी एवं संवैधानिक कदम उठाने पर भी विचार किया जाएगा।
हॉस्पिटल संगठन सरगुजा आमजन, मीडिया एवं सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से विनम्र अपील करता है कि किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें। समाज, चिकित्सक, अस्पताल, प्रशासन और मीडिया सभी का साझा उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ और मरीजों का हित होना चाहिए। विश्वास, संवाद और जिम्मेदारी की भावना से ही एक सशक्त एवं संवेदनशील स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण संभव है।
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में राज्य शासन ने अस्पतालों में मरीजों की निजता की रक्षा हेतु बिना अनुमति फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी पर रोक संबंधी निर्देश जारी किए हैं.
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय भी लिया गया कि सोशल मीडिया के माध्यम से तथ्यहीन, भ्रामक एवं एकपक्षीय जानकारी प्रसारित कर अस्पतालों, चिकित्सकों तथा स्वास्थ्य सेवाओं की छवि धूमिल करने वाले व्यक्तियों एवं संगठित रूप से ऐसे कृत्यों में संलग्न लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की जाएगी।
इस संबंध में हॉस्पिटल संगठन सरगुजा द्वारा शीघ्र ही कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक, सरगुजा को एक विस्तृत आवेदन प्रस्तुत किया जाएगा। आवेदन में अस्पतालों में बिना अनुमति फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी, मरीजों की निजता के उल्लंघन, उपचार कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने तथा सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं अपुष्ट जानकारी प्रसारित कर समाज में भ्रम फैलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधि अनुसार प्रभावी कार्रवाई करने का अनुरोध किया जाएगा। बैठक में अंबिकापुर के सभी निजी अस्पताल के संचालक और उपस्थित थे.

