21 June 2026
राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान अंतिम चरण में, सरगुजा में मिली ऐतिहासिक और दुर्लभ पाण्डुलिपियां
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राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान अंतिम चरण में, सरगुजा में मिली ऐतिहासिक और दुर्लभ पाण्डुलिपियां

Sarguja express….

अम्बिकापुर / कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में संचालित राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अभियान का प्रथम चरण 15 जून को पूर्ण होने जा रहा है। इस दौरान सरगुजा जिले में प्राचीन ज्ञान-संपदा के रूप में अनेक महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक पाण्डुलिपियां सामने आ रही हैं।

अभियान के अंतर्गत अम्बिकापुर नगर में संरक्षकों के पास महत्वपूर्ण पाण्डुलिपियां प्राप्त हुई हैं। बिलासपुर चौक निवासी  डॉ. सुधीर पाठक (सेवानिवृत्त क्षेत्रिय ग्रामीण बैंक व वरिष्ठ साहित्य कार) के पास संवत् 1866 में लिखित वनदुर्गा महात्म्य की पाण्डुलिपि मिली है। इसके साथ ही तत्कालीन महाराज सरगुजा को संबोधित भूमि संबंधी एक आवेदन पत्र भी प्राप्त हुआ है। डॉ. पाठक ने बताया कि यह पत्र स्वतंत्रता पूर्व का है, जिसे उनके बाबा स्व. पं.चन्द्रमणि पाठक द्वारा महाराजा देव बहादुर जी को लिखा गया था।

उल्लेखनीय है कि अम्बिकापुर नगर में वनदुर्गा से संबंधित कई पाण्डुलिपियां पूर्व में भी प्राप्त हो चुकी हैं। पाण्डुलिपियों का अवलोकन करते हुए नगर निगम आयुक्त श्री डी.एन. कश्यप ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से हमारी समृद्ध प्राचीन ज्ञान-संपदा सामने आ रही है, जिसका लाभ वर्तमान एवं भावी पीढ़ियों को मिलेगा।

सर्वेक्षण अभियान के दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शारदा अग्रवाल तथा जिला सदस्य श्रीश मिश्र भी उपस्थित रहे। श्रीमती अग्रवाल ने स्वयं पाण्डुलिपियों को पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया में सहभागिता निभाई।

अपलोडिंग प्रक्रिया के दौरान जिला सदस्य श्रीश मिश्र ने बताया कि राष्ट्रीय पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत अब तक पूरे देश में एक करोड़ आठ लाख से अधिक पाण्डुलिपियों का सफलतापूर्वक जियो-टैगिंग किया जा चुका है। वहीं सरगुजा जिले में 13 कस्टोडियन के पास उपलब्ध 46 पाण्डुलिपियों को अब तक पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है।

सर्वेक्षण अभियान के दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शारदा अग्रवाल  एवं नगर निगम कमिश्नर  डी.एन कश्यप ने बताया श्री पाठक जी ने पांडुलिपियों को काफी सहेजकर रखा है, तथापि काफी पुरानी होने के कारण क्षतिग्रस्त भी हो चली हैं। ज्ञातव्य है पाठक परिवार शहर के हृदय स्थल ब्रम्हपारा के सर्वाधिक पुराने परिवारों में एक प्रतिष्ठित परिवार से है। वर्तमान में इनकी सातवीं-आठवीं पीढ़ी यहां निवासरत् है। यह अभियान देश की अमूल्य सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

संयुक्त कलेक्टर एवं नगर निगम कमिश्नर महोदय के भ्रमण के दौरान सर्वेयर गौरव पाठक एवं जगदीश बड़ा व बड़े उत्साह के साथ पूरा परिवार उपस्थित रहा और जानकारियों को साझा किया ।।

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