Sarguja express…..
बसंतपुर। बलरामपुर जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित मोर गांव, मोर पानी महाअभियान के तहत ग्राम पंचायत बसंतपुर में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन में ग्राम पंचायत बसंतपुर की सरपंच श्रीमती शांति ओइके के नेतृत्व में ग्रामीणों को अपने घरों के सामने सोखता गड्ढा बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अभियान के तहत गांव में घरों के सामने सोखता गड्ढों की खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। निर्धारित मॉडल के अनुसार प्रत्येक गड्ढे की लंबाई 5 फीट, चौड़ाई 5 फीट और गहराई 4 फीट रखी जा रही है। गड्ढे की गहराई को चार चरणों में तैयार किया जा रहा है, ताकि वर्षा एवं घरेलू उपयोग का पानी जमीन में समाहित होकर भूजल स्तर को बढ़ाने में सहायक बन सके। सरपंच शांति ओइके ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, जो चिंता का विषय है। ऐसे में शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक परिवार को जल संरक्षण के लिए अपने घर के पास कम से कम एक सोखता गड्ढा अवश्य बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संकट से बचाव के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं और इसमें हर नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सरपंच ने कहा कि जल ही जीवन है केवल एक नारा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा संकल्प है। यदि आज जल संरक्षण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है। इसलिए सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इस अभियान से जुड़ें।
गांव का पानी गांव में, खेत का पानी खेत में
मोर गांव, मोर पानी अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल को स्थानीय स्तर पर संरक्षित करना है। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में ही रुके, ताकि भूजल स्तर में वृद्धि हो और भविष्य में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
जनसहभागिता से सफल होगा अभियान
ग्राम पंचायत बसंतपुर में चल रहे इस अभियान को ग्रामीणों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों का मानना है कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व है। जनभागीदारी से ही जल संरक्षण के प्रयास सफल होंगे और क्षेत्र में जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

