Sarguja express…..
सूरजपुर कलेक्टर की शिकायत और जांच प्रतिवेदन के आधार पर हुई कार्रवाई
अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के बिहारपुर में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार कर्मचंद जाटवर को प्रशासनिक लापरवाही और गंभीर कदाचरण के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने 2 नवंबर 2026 को निलंबन आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई सूरजपुर कलेक्टर की शिकायत और प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर की गई है।
जारी आदेश के अनुसार, कलेक्टर जिला सूरजपुर द्वारा 27 अक्टूबर 2026 को भेजे गए पत्र के माध्यम से नायब तहसीलदार कर्मचंद जाटवर की कार्यशैली एवं आचरण को लेकर शिकायत की गई थी। प्रतिवेदन में बताया गया कि 17 अक्टूबर 2026 को ग्राम कबेरपुर में ट्रैक्टर दुर्घटना के बाद उत्पन्न कानून एवं शांति व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने में उनके स्तर पर प्रशासनिक शिथिलता बरती गई।
आदेश में कहा गया है कि संबंधित अधिकारी ने शासकीय दायित्वों के प्रति उदासीनता और लापरवाही प्रदर्शित की, जिसे शासकीय सेवा की गरिमा के विपरीत एवं गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है। उनका यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों के भी विपरीत पाया गया।
पटवारी प्रशिक्षण शाला अंबिकापुर मुख्यालय निर्धारित
संभागायुक्त ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत कर्मचंद जाटवर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय पटवारी प्रशिक्षण शाला, अंबिकापुर, जिला सरगुजा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
संभागायुक्त द्वारा जारी आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप की स्थिति है।

