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अंबिकापुर। जिले के बतौली थाना क्षेत्र में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के प्राचार्य पर स्कूल में कार्यरत महिला कर्मचारी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत पर पुलिस ने प्राचार्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर 31 अक्टूबर 2026 को दर्ज की गई है। शिकायत में महिला ने प्राचार्य पर लंबे समय से गलत नीयत रखने, अश्लील हरकत करने, छेड़छाड़ और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है।
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, 28 वर्षीय पीड़िता एक आदिवासी महिला है और 29 जुलाई 2026 से विद्यालय में कार्यरत है। महिला का आरोप है कि विद्यालय के प्राचार्य ओमनारायण श्रीवास्तव शुरुआत से ही उस पर गलत नजर रखते थे और समय-समय पर अश्लील टिप्पणियां एवं इशारे करते थे। महिला ने शिकायत में बताया कि 15 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे वह विद्यालय के मेडिकल रूम में अलमारी में दवाइयां रख रही थी। इसी दौरान प्राचार्य पीछे से आए और उसका कंधा पकड़कर पीछे की ओर खींचते हुए गलत तरीके से छेड़छाड़ की। विरोध करने पर उन्होंने कथित रूप से अशोभनीय बातें कहीं और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने की बात कही। पीड़िता के मुताबिक, उसने प्राचार्य की हरकतों का विरोध करते हुए उन्हें ऐसी हरकत नहीं करने की चेतावनी दी। इस पर प्राचार्य ने कथित तौर पर कहा कि वह जो चाहे कर सकते हैं और किसी को बताने पर उसे नौकरी से निकलवाने तथा जान से मरवा देने की धमकी दी। इसके बाद भी प्राचार्य द्वारा लगातार अश्लील टिप्पणियां और गलत इशारे किए जाने का आरोप है।
लोकलज्जा और नौकरी जाने के डर से पहले नहीं की शिकायत
महिला ने बताया कि प्राचार्य की कथित हरकतों से वह मानसिक रूप से परेशान थी। लोकलज्जा और नौकरी जाने के डर से उसने शुरुआत में किसी को इसकी जानकारी नहीं दी। बाद में उसने अपनी मां, पिता और स्कूल में पहले कार्यरत एक स्टाफ को भी घटना के बारे में बताया।
शिकायत में 7 सितंबर 2026 की एक अन्य घटना का भी उल्लेख है। पीड़िता के अनुसार, विद्यालय की एक बच्ची की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए अंबिकापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्ची के परिजनों के आने के बाद वह उसे छोड़कर रात करीब 10:30 बजे विद्यालय लौटी। इस दौरान प्राचार्य ने कथित रूप से उससे बातचीत करते हुए उसकी तारीफ की और बच्चों के साथ अच्छे व्यवहार को लेकर टिप्पणी की। महिला ने इसे भी प्राचार्य के लगातार अनुचित व्यवहार से जोड़ते हुए अपनी शिकायत में शामिल किया है।
आठ धाराओं में एफआईआर, जांच शुरू
पीड़िता ने 31 अक्टूबर 2026 को बतौली थाने में लिखित शिकायत देकर प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 75(2), 78(2), 79 और 351(3) सहित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं 3(1)(डब्लू)(आई), 3(1)(डब्लू)(आईआई) और 3(2)(वी ए) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। एफआईआर में मामले की जांच की जिम्मेदारी प्रधान आरक्षक मेविस ज्योत्सना खाखा (क्रमांक 932) को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

