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अंबिकापुर। शेयर मार्केट और आईपीओ में कई गुना मुनाफे का लालच अंबिकापुर के एक कपड़ा कारोबारी को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने पहले कारोबारी को व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़कर शेयर बाजार की टिप्स दीं, फिर फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट पर लगातार बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। जाल में फंसने के बाद कारोबारी ने अलग-अलग बैंक खातों में 19 बार में कुल 10 लाख 28 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब उसने वेबसाइट पर दिखाई दे रही रकम निकालने की कोशिश की तो निकासी रोक दी गई और ग्रुप एडमिन ने जवाब देना बंद कर दिया। इसके बाद ठगी का खुलासा हुआ।
पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर उन बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है, जिनमें रकम ट्रांसफर कराई गई थी।
इंस्टाग्राम के विज्ञापन से शुरू हुआ ठगी का खेल
जानकारी के मुताबिक, जयस्तंभ चौक निवासी कपड़ा कारोबारी ईशान उचानिया ने पुलिस को बताया कि 12 जून को उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर मार्केट टिप्स से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दिए लिंक पर क्लिक करने के बाद उनका मोबाइल नंबर एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जुड़ गया।
ग्रुप में कुछ दिनों तक शेयर बाजार से जुड़ी टिप्स भेजी जाती रहीं। बाद में दूसरे व्हाट्सऐप ग्रुप का लिंक भेजा गया, जिसमें पहले से करीब 155 सदस्य जुड़े हुए थे। यहां रोज लाइव शेयर मार्केट से जुड़ी जानकारियां दी जाती थीं। कारोबारी ने कुछ जानकारियों को इंटरनेट पर जांचा तो वे सही लगीं, जिससे उसका भरोसा बढ़ता गया।
₹12 लाख के ₹19 लाख होने की कहानी सुनाकर बढ़ाया भरोसा
आरोप है कि ग्रुप की एक सदस्य से बातचीत करने पर उसने बताया कि उसने 12 लाख रुपए निवेश किए थे, जो बढ़कर 19 लाख रुपए हो गए और वह चार लाख रुपए निकाल भी चुकी है। इसी तरह की बातों से कारोबारी का विश्वास और मजबूत हुआ।
इसके बाद आधार और पैन कार्ड की जानकारी लेकर एक ट्रेडिंग वेबसाइट पर उसकी आईडी बनाई गई। शुरुआत में कारोबारी ने 10 हजार रुपए जमा किए और वेबसाइट पर उतनी ही रकम दिखाई देने लगी। शेयर खरीदने के अगले दिन करीब 10 प्रतिशत मुनाफा भी दिखाया गया।
₹1000 निकालने दिया, फिर फंसता चला गया कारोबारी
कारोबारी ने सिस्टम की सत्यता जांचने के लिए एक हजार रुपए निकालने का प्रयास किया। यह रकम यूपीआई के जरिए उसके बैंक खाते में आ गई। यही वह मोड़ था जहां ठगों ने उसका भरोसा पूरी तरह जीत लिया।
इसके बाद कारोबारी ने 30 हजार रुपए और जमा किए। कुछ समय बाद पुरानी वेबसाइट में तकनीकी खराबी बताकर दूसरी वेबसाइट पर कारोबार करने की बात कही गई। निवेश पर 20 से 40 प्रतिशत तक मुनाफा और बड़ी रकम लगाने पर प्रीमियम कस्टमर बनाने का लालच दिया गया।
IPO में 200% मुनाफे का लालच
इसके बाद आईपीओ में निवेश पर कथित रूप से 200 प्रतिशत तक मुनाफे का झांसा दिया गया। वेबसाइट पर एक आईपीओ में 1.53 लाख रुपए के निवेश के बाद अगले ही दिन करीब 90 हजार रुपए का कथित मुनाफा दिखाया गया।
स्क्रीन पर लगातार बढ़ती रकम देखकर कारोबारी और निवेश करता चला गया। आरोप है कि 25 जून तक उसने विभिन्न बैंक खातों में 19 बार में कुल 10.28 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए।
पैसा निकालने की बारी आई तो बंद हो गया खेल
जब कारोबारी ने वेबसाइट पर दिखाई दे रही रकम वापस निकालने की कोशिश की तो निकासी रोक दी गई। इसके बाद व्हाट्सऐप ग्रुप से जुड़े लोगों और एडमिन की ओर से जवाब मिलना भी बंद हो गया। तब कारोबारी को साइबर ठगी का एहसास हुआ और उसने साइबर थाने में शिकायत की।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिन खातों में कारोबारी से रकम जमा कराई गई, उनकी भी जांच की जा रही है।

