Sarguja express…..
अंबिकापुर। बचपन से तबले को अपनी साधना बनाने वाले सरगुजा के सुप्रसिद्ध तबला वादक नासिर खान ने एक और उपलब्धि अपने नाम की है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग ने उन्हें अपने आर्टिस्ट ग्रेडेशन पैनल में ‘ए’ ग्रेड की श्रेणी प्रदान की है। करीब तीन दशक से संगीत की सेवा कर रहे नासिर खान की इस उपलब्धि से सरगुजा के संगीत और कला जगत में हर्ष है।
हाल ही में रायपुर में संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘रंग तरंग महोत्सव’ में नासिर खान ने तबला वादन की प्रस्तुति दी थी। उनकी थाप और लयकारी ने संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध किया और प्रस्तुति को श्रोताओं की भरपूर सराहना मिली।
विरासत में मिला संगीत, साधना से बनाई अपनी पहचान
नासिर खान ऐसे परिवार से आते हैं, जहां संगीत कई पीढ़ियों से जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। उनके पिता आकाशवाणी के संगीत विभाग में वरिष्ठ कलाकार के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके नाना भी विख्यात तबला वादक रहे, जिन्होंने भारत रत्न पंडित रविशंकर, उस्ताद अल्ला रक्खा खान, उस्ताद विलायत खान, उस्ताद अब्दुल हलीम जाफर खान और उस्ताद राशिद खान सहित अनेक दिग्गज संगीतकारों के साथ अपनी कला का प्रदर्शन किया।
परिवार से मिली इस समृद्ध संगीत विरासत को नासिर खान ने निरंतर अभ्यास और साधना से आगे बढ़ाया। प्रदेश के विभिन्न संगीत समारोहों से लेकर देश के प्रतिष्ठित मंचों तक वे अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं।
दिग्गज कलाकारों के साथ कर चुके हैं संगत
नासिर खान को देश-दुनिया में ख्याति प्राप्त संगीत कलाकारों के साथ संगत करने का अवसर भी मिला है। इनमें गजल गायक उस्ताद गुलाम अली, पद्मश्री उस्ताद अहमद हुसैन और उस्ताद मोहम्मद हुसैन सहित अनेक नाम शामिल हैं।
पिछले करीब 30 वर्षों से वे आकाशवाणी और दूरदर्शन के माध्यम से भी अपनी कला की प्रस्तुतियां देते आ रहे हैं। एक कलाकार होने के साथ उन्होंने गुरु की भूमिका भी निभाई है। उनके मार्गदर्शन में संगीत सीखने वाले कई शिष्य आज प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर रहे हैं।
अब राज्य अलंकरण से सम्मानित करने की उठी मांग
संस्कृति विभाग के आर्टिस्ट ग्रेडेशन पैनल में ‘ए’ ग्रेड मिलने के बाद सरगुजा के कलाकारों और संगीत प्रेमियों ने नासिर खान को आगामी राज्य अलंकरण समारोह में सम्मानित करने की मांग उठाई है। कला प्रेमियों ने प्रदेश के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल से आग्रह किया है कि नासिर खान की तीन दशक से अधिक की संगीत साधना और कला के क्षेत्र में योगदान को देखते हुए राज्य स्तर पर भी उन्हें सम्मान प्रदान किया जाए।
संगीत प्रेमियों का कहना है कि नासिर खान को राज्य अलंकरण मिलने से न केवल सरगुजा की सांस्कृतिक विरासत का सम्मान होगा, बल्कि वर्षों से कला-साधना में जुटे प्रदेश के कलाकारों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

