Sarguja express…..
DIG-SSP राजेश अग्रवाल ने थाना-चौकी प्रभारियों की ली अपराध समीक्षा बैठक; लंबित मामलों के निपटारे, विजिबल पुलिसिंग और गश्त बढ़ाने पर जोर
अंबिकापुर। आगामी त्योहारों से पहले सरगुजा पुलिस को कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर और अधिक सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भापुसे) ने जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक लेकर लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण से लेकर असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई तक के निर्देश दिए। स्पष्ट किया गया कि त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले बाजारों, प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी साफ नजर आनी चाहिए।
पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में 11 सितंबर को हुई बैठक में पुराने लंबित अपराध, मर्ग, शिकायत, चालान, खात्मा, गुम इंसान, म्यूल अकाउंट और पीओएस से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। थाना-चौकी प्रभारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के साथ लघु अधिनियम एवं प्रतिबंधात्मक कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए। जिला बदर योग्य अपराधियों के खिलाफ प्रतिवेदन भी तत्काल प्रस्तुत करने को कहा गया।
बाजारों और संवेदनशील इलाकों में दिखेगी पुलिस, गश्त बढ़ाने के निर्देश
आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। प्रमुख बाजारों, चौक-चौराहों, भीड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर ‘विजिबल पुलिसिंग’ के साथ पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए। असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उनके खिलाफ सख्ती से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया है।
गुम इंसान के मामलों को भी गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। संबंधित व्यक्तियों के निवास स्थान पर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन करने और उनकी बरामदगी के लिए प्रभावी प्रयास करने को कहा गया। वहीं गंभीर एवं संदिग्ध अपराधों में घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम भेजकर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अब थानों की कार्रवाई भी होगी हाईटेक
बैठक में पुलिसिंग के डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया गया। सीसीटीएनएस में ई-साक्ष्य, मालखाना और वीसीएनबी सहित जरूरी प्रविष्टियों को अपडेट रखने को कहा गया। मेडिकल रिपोर्ट ऑनलाइन भेजने के लिए MedLeaPR पोर्टल के उपयोग तथा सीसीटीएनएस में IIF-1 से IIF-6 तक की ऑनलाइन एंट्री पूरी करने के निर्देश दिए गए।
एफआईआर पोर्टल पर अपलोड करने से पहले ई-सिग्नेचर अनिवार्य करने के साथ न्यायालय से जारी समंस, वारंट और नोटिस की प्राथमिकता से तामिली तथा ई-समंस को ऑनलाइन न्यायालय में प्रस्तुत करने को कहा गया। थानों में जब्त लावारिस वाहनों की नीलामी तथा एनडीपीएस एवं राजसात प्रकरणों में भी वैधानिक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए।
रोज स्कूल-कॉलेज पहुंचकर साइबर ठगी से करेंगे जागरूक
वित्तीय और साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती चुनौती को देखते हुए ‘साइबर जागृति अभियान’ को थाना स्तर पर लगातार चलाने के निर्देश दिए गए। थाना-चौकी प्रभारी प्रतिदिन स्कूल-कॉलेज, सार्वजनिक स्थल और सोसायटियों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को साइबर अपराध से बचने के तरीके बताएंगे।
बैठक के अंत में पुलिस मुख्यालय से प्राप्त ई-सिग्नेचर पेन, डिजिटल क्यूआर कोड स्कैनर, डिजिटल लाइव स्कैनर और थंब मशीन सहित विभिन्न डिजिटल उपकरण थाना-चौकी प्रभारियों को प्रदान किए गए। अधिकारियों को इनका निर्धारित कार्यों में उपयोग और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी, नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल (भापुसे), एसडीओपी तुल सिंह पट्टावी, डीएसपी सुरेश भगत, डीएसपी राकेश बघेल, रक्षित निरीक्षक तृप्ति सिंह राजपूत सहित कोतवाली, गांधीनगर, मणिपुर और जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।

