Sarguja express….
समीक्षा बैठक में एएसपी ने कहा- आपात स्थिति में डायल-112 लोगों का बड़ा सहारा, सूचना मिलते ही मौके के लिए रवाना हो टीम
अंबिकापुर। आपात स्थिति में लोगों तक पुलिस सहायता पहुंचने में देरी न हो, इसके लिए सरगुजा पुलिस ने डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम करने पर जोर दिया है। रविवार को रक्षित केंद्र अंबिकापुर के सभाकक्ष में ‘नेक्स्ट-जेन डायल-112’ की समीक्षा बैठक हुई। इसमें इमरजेंसी रिस्पॉन्स यूनिट (ईआरयू) में तैनात पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों और वाहन चालकों को सूचना मिलते ही तत्काल मौके के लिए रवाना होने के निर्देश दिए गए। काम में सुस्ती या अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के निर्देशन में आयोजित बैठक नोडल अधिकारी डायल-112 एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रितेश चौधरी ने ली। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में पीड़ित तक पुलिस सहायता पहुंचने का समय कम से कम होना चाहिए। यही डायल-112 की प्रभावी सेवा की पहचान है।

इवेंट निपटाते ही फिक्स पॉइंट पर लौटेगी टीम
एएसपी चौधरी ने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत या इवेंट की सूचना मिलते ही ईआरयू बिना देरी किए मौके के लिए रवाना हो। घटना का निराकरण करने के बाद वाहन तत्काल अपने निर्धारित फिक्स पॉइंट पर लौटे, ताकि अगली सूचना मिलने पर जल्द से जल्द संबंधित स्थान तक पहुंचा जा सके। वाहनों की बेवजह आवाजाही और काम में लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने के साथ आम लोगों से शालीन और संवेदनशील व्यवहार करने के निर्देश भी दिए गए। बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों और वाहन चालकों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की अनुशंसा करने की बात कही गई।
जीपीएस और लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम भी रहे दुरुस्त
डायल-112 वाहनों के संचालन, लोकेशन ट्रैकिंग और जीपीएस सिस्टम को लेकर तकनीकी टीम को भी मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि कंट्रोल रूम और मैदानी वाहनों के बीच बेहतर समन्वय होना जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने में तकनीकी कारणों से देरी न हो।
डायल-112 की टीम लोगों को बताएगी साइबर ठगी से बचने के तरीके
बैठक के दौरान साइबर सेल के आरक्षक अनुज जायसवाल और वीरेंद्र पैकरा ने अधिकारी-कर्मचारियों एवं वाहन चालकों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी। छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत ओटीपी फ्रॉड, लोन ऐप स्कैम, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के तरीकों तथा उनसे बचाव के उपाय बताए गए।
डायल-112 के कर्मचारियों और चालकों को निर्देशित किया गया कि फील्ड में लोगों को साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक करें। नागरिकों को किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी या व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने की सलाह देने को कहा गया। साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में रक्षित निरीक्षक तृप्ति सिंह राजपूत, डीसीसी प्रभारी उप निरीक्षक अभय कुमार तिवारी सहित डायल-112, यातायात शाखा, साइबर सेल, फ्लीट एवं तकनीकी विंग के अधिकारी-कर्मचारी तथा ईआरवी और हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों के चालक मौजूद रहे।

