Sarguja express….
सीतापुर। ज्वेलरी उठाईगिरी मामले की जांच में पुलिस के सामने अहम जानकारी आई है। पुलिस जब ओडिशा में संदिग्धों के घर पहुंची और परिजनों के मोबाइल की जांच की तो सीतापुर की घटना से जुड़े समाचार लगातार देखे जाने की बात सामने आई। सीतापुर उठाई गिरी से संबंधित टीवी चैनलों में और सोशल मीडिया सहित समाचार पत्रों के समाचारों की कटिंग भी मिली.इससे पुलिस को संदेह है कि वारदात के बाद परिवार के लोग मामले की गतिविधियों और पुलिस कार्रवाई की जानकारी लेते रहे। खास बात यह है कि घटना के दौरान संदिग्धों द्वारा मोबाइल का उपयोग नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है। माना जा रहा है कि लोकेशन ट्रेस होने से बचने के लिए ऐसा किया गया होगा।
सीतापुर में सराफा व्यवसायी के करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के जेवरात से भरे बैग की उठाईगिरी के बहुचर्चित मामले का सरगुजा पुलिस ने खुलासा किया है। साइबर सेल अंबिकापुर और थाना सीतापुर की संयुक्त पुलिस टीम ने छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में करीब 500 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ तकनीकी विश्लेषण और संबंधित राज्यों की पुलिस से समन्वय कर संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने ओडिशा के गंजाम जिले में एक आरोपी के घर की तलाशी लेकर करीब 46 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। हालांकि आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और उनकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार सीतापुर निवासी अरुणदेव सोनी की हाईस्कूल के पास काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स नाम से दुकान है। 26 जुलाई की सुबह करीब 11.30 बजे वे स्कूटी से जेवरात का बैग लेकर दुकान पहुंचे थे। बैग स्कूटी में रखकर वे दुकान का शटर खोल रहे थे, तभी अज्ञात बदमाश बैग लेकर फरार हो गए। बैग में करीब एक करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण होने की जानकारी पुलिस को दी गई थी।








