Sarguja express….
बेटे के कहने पर दोबारा शुरू हुआ इलाज, अब स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी रहे राजकुमार मुरूम
रामानुजगंज। ग्राम पंचायत बगरा निवासी 48 वर्षीय राजकुमार मुरूम के साथ रायपुर के एक बड़े अस्पताल में इलाज के दौरान ऐसी घटना सामने आई, जिसने उनके परिजनों को स्तब्ध कर दिया। ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित राजकुमार को उपचार के लिए रायपुर ले जाया गया था, जहां उनकी हालत गंभीर हो गई। अस्पताल में दो दिन भर्ती रहने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए और उन्हें कफन भी ओढ़ा दिया गया।
इसी दौरान राजकुमार के छोटे बेटे प्रकाश मुरूम को विश्वास नहीं हुआ कि उनके पिता की मृत्यु हो गई है। उसने कहा कि “मेरे पिता नहीं मर सकते।” इसके बाद वह आईसीयू कक्ष में पहुंचा और अपने पिता को ध्यान से देखा। प्रकाश के अनुसार, उस समय उन्हें अपने पिता की सांस चलती हुई महसूस हुई।
प्रकाश ने तत्काल इसकी जानकारी डॉक्टरों को दी। सूचना मिलते ही चिकित्सक मौके पर पहुंचे और दोबारा जांच करने के बाद उपचार शुरू किया। इसके बाद राजकुमार की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। परिजनों के मुताबिक उपचार के बाद उनकी हालत लगातार बेहतर होती गई।
बताया गया कि अब राजकुमार मुरूम स्वस्थ हैं और अपने दैनिक कार्य स्वयं कर रहे हैं। उनकी स्थिति सामान्य होने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। जिस व्यक्ति को परिजन मृत समझकर अंतिम विदाई की तैयारी कर चुके थे, उसके स्वस्थ होकर घर लौटने की घटना ने पूरे क्षेत्र के लोगों को भी हैरान कर दिया है।
हालांकि अस्पताल में उन्हें मृत घोषित किए जाने की परिस्थितियों को लेकर परिजनों के पास मौजूद जानकारी के आधार पर ही बात सामने आई है। मामले में अस्पताल स्तर पर वास्तविक स्थिति क्या थी, इसकी पुष्टि संबंधित अस्पताल अथवा चिकित्सकीय रिकॉर्ड से ही हो सकेगी।
6 गड्डा डेड बॉडी दफनाने के लिए खुद था…..
राजकुमार बताते हैं कि 6 गड्डा 6 लोगों की मृत्यु के बाद खुदवाया गया था परंतु पांच लोग को ही दफनाया गया. 6 वां मै आज सही सलामत हूं।








