Sarguja express….
ग्रामीणों ने जांच और शीघ्र मरम्मत की मांग की
प्रतापपुर। प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम रेवटी में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत निर्मित सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बीच सड़क जगह-जगह से उखड़ने लगी है। वहीं सड़क के किनारों की मिट्टी तेज बारिश के पानी के बहाव में बह जाने से आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान ही इसकी गुणवत्ता को लेकर कई बार सवाल उठाए गए थे। निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किए जाने की शिकायत संबंधित अधिकारियों से भी की गई थी, लेकिन समय रहते इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की हालत देखकर निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण में बेस की मजबूती और डामरीकरण को लेकर भी लापरवाही बरती गई। उनका आरोप है कि सड़क का बेस पर्याप्त मजबूत नहीं होने तथा डामर की गुणवत्ता एवं मात्रा को लेकर बरती गई कथित अनियमितताओं के कारण सड़क बारिश का दबाव नहीं झेल पा रही है और जगह-जगह से टूटकर उखड़ रही है।
प्रधानमंत्री सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर और सुगम सड़क सुविधा से जोड़ना है, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन निर्माण कार्य में यदि गुणवत्ता से समझौता होता है तो करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली सड़कें कुछ ही समय में जर्जर होने लगती हैं, जिससे सरकारी धन के उपयोग पर भी सवाल खड़े होते हैं।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और गुणवत्ता की जांच करने तथा दोष पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त सड़क की शीघ्र मरम्मत कराकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से सड़क का निर्माण कराने की मांग की है, ताकि बरसात के दिनों में आवागमन सुचारु रह सके।
अब देखना होगा कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद संबंधित विभाग इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कब तक कराई जाती है।








