5 August 2026
रामानुजगंज में हाथी दांत तस्करी का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार
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रामानुजगंज में हाथी दांत तस्करी का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार

Sarguja express

WCCB और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई, तीन हाथी के जबड़े जब्त, आरोपियों को भेजा गया जेल

बलरामपुर/रामानुजगंज। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हाथी दांत तस्करी से जुड़े अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से हाथी के तीन जबड़े बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

वन विभाग को 3 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामानुजगंज स्थित एक निजी धर्मशाला के कमरा नंबर 205 में कुछ लोग वन्यजीवों के अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त के लिए रुके हुए हैं। सूचना के आधार पर WCCB और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान तीन संदिग्धों के पास से हाथी के तीन जबड़े बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपी इनके संबंध में कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड के पलामू जिले के नवाबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कंडा तुकबेरा निवासी संतोष कुमार विश्वकर्मा (34 वर्ष), रामानुजगंज निवासी अजय कुमार गुप्ता (49 वर्ष) तथा संतोष कुमार रजक (50 वर्ष) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संतोष कुमार विश्वकर्मा झारखंड से हाथी के जबड़े लेकर रामानुजगंज पहुंचा था, जहां दोनों स्थानीय आरोपियों के साथ मिलकर उनकी बिक्री की तैयारी की जा रही थी।

वन विभाग ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48(क), 50, 51 एवं 52 के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज के न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है और इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान वन्यजीव तस्करी के बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

गौरतलब है कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ यह सप्ताहभर के भीतर संयुक्त टीम की दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले सूरजपुर जिले में बाघ की खाल के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को वन्यजीव तस्करी पर प्रभावी अंकुश की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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