21 September 2026
अनुकंपा नियुक्ति में शपथपत्र पर सवाल, 9 साल बाद सहायक ग्रेड-3 निलंबित….परिवार के सदस्य की शासकीय सेवा संबंधी स्थिति छिपाने का मामला, सीमा कुशवाहा पर गिरी गाज; अब होगी नियमित विभागीय जांच
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अनुकंपा नियुक्ति में शपथपत्र पर सवाल, 9 साल बाद सहायक ग्रेड-3 निलंबित….परिवार के सदस्य की शासकीय सेवा संबंधी स्थिति छिपाने का मामला, सीमा कुशवाहा पर गिरी गाज; अब होगी नियमित विभागीय जांच

Sarguja express….
अंबिकापुर। सरगुजा जिले में अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में प्रारंभिक जांच के बाद शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 श्रीमती सीमा कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामला वर्ष 2017 में हुई अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा है। शिकायत के बाद गठित जांच समिति द्वारा अभिलेखों की पड़ताल में नियुक्ति के समय प्रस्तुत शपथपत्र और उपलब्ध दस्तावेजों में परिवार के सदस्यों की शासकीय सेवा संबंधी स्थिति को लेकर अंतर सामने आने की बात कही गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुसार विकासखंड मैनपाट से प्राप्त शिकायत के आधार पर मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी। समिति ने सीमा कुशवाहा की नियुक्ति से संबंधित मूल अभिलेख, आवेदन पत्र, शपथपत्र, पारिवारिक विवरण और सेवा अभिलेखों का परीक्षण किया।

2017 में मिली थी अनुकंपा नियुक्ति

जांच प्रतिवेदन के मुताबिक स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा की मृत्यु के बाद सीमा कुशवाहा को 16 जून 2017 को अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। नियुक्ति के लिए 5 मई 2017 को प्रस्तुत शपथपत्र में परिवार के किसी सदस्य के शासकीय अथवा अर्धशासकीय सेवा में नहीं होने की घोषणा की गई थी। प्रारंभिक जांच में उपलब्ध अभिलेखों में परिवार के सदस्यों की शासकीय सेवा संबंधी स्थिति का उल्लेख मिलने की बात सामने आई है।
इसी आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करने और प्रशासनिक हित में सीमा कुशवाहा को निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

अब आरोप-पत्र, फिर नियमित विभागीय जांच

निलंबन अवधि में सीमा कुशवाहा का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत नियमित विभागीय जांच शुरू की जाएगी और पृथक से आरोप-पत्र जारी कर उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निलंबन एक अंतरिम प्रशासनिक कार्रवाई है और इसे आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं माना जाएगा। अनुकंपा नियुक्ति की वैधता और पात्रता पर अंतिम निर्णय विभागीय जांच पूरी होने तथा संबंधित अभिलेखों के परीक्षण के बाद लिया जाएगा।

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