Sarguja express
अंबिकापुर। जनपद पंचायत अंबिकापुर के सरपंच संघ के अध्यक्ष एवं ग्राम सरईटिकरा के सरपंच रामसाय मिंज की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जनपद पंचायत की लापरवाही के कारण गलत व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें अपमानित किया गया। पार्टी ने मामले में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को हटाने तथा लिखित माफी की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार वर्ष 2020-21 में ग्राम चीताबहार में सामुदायिक शौचालय निर्माण कार्य में 1,75,093 रुपये की कथित अनियमितता का मामला सामने आया था। उस दौरान चीताबहार के सरपंच शिवनाथ भगत और सचिव देवेंद्र सिंह थे। बाद में वर्ष 2024 में तत्कालीन सचिव ने इस संबंध में जनपद पंचायत को जानकारी भी दी थी।
कांग्रेस का आरोप है कि इसके बावजूद जनपद पंचायत ने चीताबहार के बजाय पड़ोसी ग्राम सरईटिकरा के सरपंच एवं सरपंच संघ अध्यक्ष रामसाय मिंज के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी। रामसाय मिंज ने पूर्व में ही स्पष्ट कर दिया था कि वह चीताबहार के सरपंच नहीं रहे हैं और कथित गबन की अवधि में उनका उस पंचायत से कोई संबंध नहीं था।
पार्टी का कहना है कि शुक्रवार सुबह दरिमा पुलिस ने रामसाय मिंज को खेत से गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय में पेश किया। कांग्रेस के अनुसार उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताते हुए जमानत लेने से इनकार कर दिया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
घटना की जानकारी मिलने पर कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष विनय शर्मा, दरिमा ब्लॉक अध्यक्ष नारद गुप्ता, जनपद पंचायत अध्यक्ष विक्रम सोनपाकर, उपाध्यक्ष सतीश यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंच गए।
कांग्रेस का दावा है कि बाद में जनपद पंचायत ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को पत्र भेजकर स्वीकार किया कि अभिलेखों में चीताबहार के सरपंच के रूप में रामसाय मिंज का नाम दर्ज होने के कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई हुई। पार्टी ने इसे जनपद पंचायत के रिकॉर्ड संधारण में गंभीर लापरवाही बताया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने मामले में तत्काल त्रुटि सुधारने की मांग की है। वहीं पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि यह केवल प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि कांग्रेस समर्थित जनप्रतिनिधि को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने जनपद पंचायत के सीईओ के खिलाफ कार्रवाई, पद से हटाने तथा लिखित माफी की मांग की है।

