Sarguja express…..
अंबिकापुर। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर सरगुजा जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए कार्यरत संगठन समर्पित संस्था ने पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया। यह अभियान राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और एजेंसियों द्वारा जून माह को बाल मजदूरी विरोधी अभियान के रूप में मनाने के निर्देशों के तहत चलाया गया।
जानकारी के अनुसार, सरगुजा जिले में बाल मजदूरी के खिलाफ जन-जागरूकता और निगरानी अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में संदिग्ध क्षेत्रों की पहचान कर छापेमार कार्रवाई की गई, जिसमें तीन बच्चों को श्रम कार्य से मुक्त कराया गया। बताया गया कि ये बच्चे कई महीनों से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्य कर रहे थे।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मुक्त कराए गए बच्चों की उम्र लगभग 12 से 13 वर्ष के बीच है। जांच में यह भी पाया गया कि बच्चे असामान्य और शोषणपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहे थे, जिससे उनके स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर गंभीर असर पड़ रहा था। कार्रवाई के बाद संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
समर्पित संस्था ने बताया कि बच्चों को मुक्त कराने के बाद उनके पुनर्वास, शिक्षा, मुआवजा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि उन्हें सुरक्षित भविष्य मिल सके।
संस्था के निदेशक डॉ. संदीप शर्मा ने कहा कि बाल श्रम केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि बच्चों के बचपन और उनके मूल अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और गरिमा का अधिकार है, जिसे हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जून माह को बाल श्रम के खिलाफ “एक्शन मंथ” के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि बाल तस्करी और बाल मजदूरी आपस में गहराई से जुड़ी समस्याएं हैं। इस दौरान नागरिक समाज संगठन, पुलिस और प्रशासन मिलकर लगातार निगरानी और कार्रवाई करते हैं।
समर्पित संस्था, जो देशभर में कार्यरत जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) नेटवर्क का सहयोगी संगठन है, ने बताया कि यह नेटवर्क बाल तस्करी और बाल श्रम के मामलों की पहचान कर बच्चों को मुक्त कराने में अहम भूमिका निभा रहा है। संस्था के अनुसार, अप्रैल 2023 से मार्च 2026 तक देशभर में 1.45 लाख से अधिक बच्चों को तस्करी और बाल मजदूरी से मुक्त कराया जा चुका है।
इस कार्रवाई को बाल अधिकारों की दिशा में सरगुजा जिले की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने इसे बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

