11 May 2026
पेलमा परियोजना को प्रभावित ग्राम सभाओं का समर्थन, विकास, रोजगार एवं मुआवजे के पक्ष में ग्रामीणों ने जताई सहमति……एसईसीएल ने कहा – केलो नदी के प्राकृतिक प्रवाह से कोई छेड़छाड़ नहीं, पारदर्शी पुनर्वास एवं स्थानीय हित सर्वोच्च प्राथमिकता
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पेलमा परियोजना को प्रभावित ग्राम सभाओं का समर्थन, विकास, रोजगार एवं मुआवजे के पक्ष में ग्रामीणों ने जताई सहमति……एसईसीएल ने कहा – केलो नदी के प्राकृतिक प्रवाह से कोई छेड़छाड़ नहीं, पारदर्शी पुनर्वास एवं स्थानीय हित सर्वोच्च प्राथमिकता

Sarguja express….

रायगढ़,….
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की पेलमा खुली खदान परियोजना के अंतर्गत प्रभावित ग्रामों में विधिवत ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। ग्राम सभाओं में ग्रामीणों को परियोजना से संबंधित सभी तथ्यों एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। चर्चा के पश्चात ग्राम सभाओं द्वारा सर्वसम्मति से परियोजना के पक्ष में प्रस्ताव पारित करते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रदान किया गया।

परियोजना हेतु आवश्यक वन भूमि हस्तांतरण के संबंध में अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2008 (FRA) के प्रावधानों के अंतर्गत सभी संबंधित ग्राम सभाओं द्वारा विधिवत सहमति प्रदान की गई है।

पेलमा खुली खदान परियोजना में मुख्यतः कुल 8 ग्रामों की भूमि तथा ग्राम खर्रा की आंशिक भूमि सहित कुल लगभग 2077 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।

पेलमा परियोजना से प्रभावित परिवारों की भूमि, आवास एवं आजीविका से जुड़े विषयों पर ग्रामीणों द्वारा रखी गई मांगों एवं सुझावों को SECL द्वारा गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वीकार किया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा करते हुए पारदर्शी एवं न्यायसंगत पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) नीति लागू की जाएगी।

एसईसीएल द्वारा जो भूमिहीन व्यक्ति अधिग्रहण के पूर्व से वहाँ निवासरत हैं, उन्हें मकान का मुआवजा एवं नियमानुसार पुनर्वास लाभ प्रदान किया जाएगा। साथ ही, Coal India Limited की आर एंड आर नीति के अंतर्गत रोजगार उपलब्ध कराने हेतु विभिन्न प्रावधान किए गए हैं, जैसे ठेकेदार के अधीन रोजगार उपलब्ध कराना, दुकान निर्माण कर प्रदान करना आदि।

परियोजना के प्रारंभ होने से क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से 1500 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें स्थानीय युवाओं एवं प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही स्वरोजगार, कौशल विकास एवं महिला स्व-सहायता समूहों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण के संबंध में यह स्पष्ट किया गया है कि केलो नदी के प्राकृतिक प्रवाह को किसी भी प्रकार से बाधित अथवा परिवर्तित नहीं किया जाएगा। जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

एसईसीएल द्वारा वर्तमान में कोई हवाई सर्वेक्षण नहीं किया जा रहा है।

SECL द्वारा परियोजना क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु निरंतर कार्य किया जाएगा, जिससे स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।

कंपनी ने यह भी अवगत कराया कि कुछ बाहरी तत्वों द्वारा भ्रामक सूचनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि अधिकांश ग्रामीण परियोजना के विकासात्मक एवं रोजगारपरक लाभों को समझते हुए इसका समर्थन कर रहे हैं।

SECL ने दोहराया कि कंपनी स्थानीय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रशासन एवं ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर क्षेत्र के समग्र एवं सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

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