Sarguja express….
अंबिकापुर.जिला अधिवक्ता संघ, सरगुजा के आह्वान पर जारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के अंतर्गत आज दिनांक 08 नवम्बर 2025 को अधिवक्ताओं की एक निरीक्षण टीम न्यायालय परिसर पहुँची। यह टीम उन व्यक्तियों की पहचान हेतु गठित की गई थी जो हड़ताल अवधि में न्यायिक कार्य कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि पुलिस विभाग, तहसीलदार कार्यालय एवं राजस्व विभाग के कुछ अधिकारी-कर्मचारी न्यायालय परिसर में उपस्थित रहकर अधिवक्ताओं पर झूठे आरोप लगाने का षड्यंत्र रच रहे थे।
इन अधिकारियों द्वारा यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा था कि अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर की बाउंड्री वॉल को क्षतिग्रस्त किया है, जो पूर्णतः असत्य, निराधार एवं अधिवक्ताओं की छवि को धूमिल करने का एक सुनियोजित प्रयास है। इस तथ्य की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अधिवक्ता न्यायालय परिसर पहुँचे और इस कपटपूर्ण कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया।
कल दिनांक 07 नवम्बर 2025 को न्यायिक प्रशासन द्वारा संघ पदाधिकारियों से बार-बार दूरभाष पर संपर्क कर हड़ताल समाप्त करने का दबाव डाला गया था। जब अधिवक्ता संघ ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए यह स्पष्ट कहा कि आंदोलन न्यायालय भवन के वर्तमान स्थल पर निर्माण हेतु जनभावना के अनुरूप जारी रहेगा, तब प्रशासन की ओर से यह झूठा बाउंड्री वॉल प्रकरण खड़ा कर अधिवक्ताओं को मानसिक रूप से दबाव में लाने का प्रयास किया गया है।
संघ इस प्रकार के भ्रामक अभियानों और धमकी भरे प्रयासों की कड़ी निंदा करता है तथा स्पष्ट करता है कि अधिवक्ता समाज के न्यायप्रिय एवं जिम्मेदार नागरिक हैं, जो जनहित एवं न्यायिक गरिमा की रक्षा हेतु शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं।
संघ ने प्रशासन को आगाह किया है कि यदि इस प्रकार के झूठे प्रकरण गढ़कर अधिवक्ताओं की छवि धूमिल करने या हड़ताल समाप्त करवाने का प्रयास किया गया तो संपूर्ण अधिवक्ता समुदाय एकजुट होकर और अधिक व्यापक और उग्र आंदोलन करने पर बाध्य होगा।
जिला अधिवक्ता संघ यह दोहराता है कि न्यायालय भवन का निर्माण वर्तमान स्थल पर ही किया जाना चाहिए, क्योंकि यही स्थान न्यायिक गतिविधियों के संचालन हेतु उपयुक्त, सुलभ और जनहित में है। जब तक शासन-प्रशासन द्वारा इस संबंध में स्पष्ट एवं लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, अधिवक्ताओं का यह अनिश्चितकालीन कलमबंद आंदोलन पूरी दृढ़ता से जारी रहेगा।

