2 June 2026
हसदेव अरण्य में खनन की मंजूरी आदिवासियों, पर्यावरण और जनभावनाओं के साथ विश्वासघात – परवेज
आरोप बयान राजनीति राज्य

हसदेव अरण्य में खनन की मंजूरी आदिवासियों, पर्यावरण और जनभावनाओं के साथ विश्वासघात – परवेज

Sarguja express…..

अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज आलम गांधी ने हसदेव अरण्य क्षेत्र के केते एक्सटेंशन कोल ब्लॉक में कोयला खनन को मंजूरी दिए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे आदिवासी समाज, पर्यावरण और छत्तीसगढ़ की जनभावनाओं के साथ सीधा विश्वासघात बताया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि अदाणी कम्पनी को फायदा पहुंचाने छत्तीसगढ़ के जंगल का सफाया किया जा रहा है।

परवेज गांधी ने कहा कि हसदेव अरण्य केवल जंगल नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन, आजीविका और भविष्य का आधार है। इसके बावजूद केंद्र की मोदी सरकार ने कॉरपोरेट अदानी हितों को प्राथमिकता देते हुए पर्यावरणीय सरोकारों और स्थानीय आदिवासी समुदायों की आवाज को नजरअंदाज कर दिया है। यह फैसला छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक धरोहर को गंभीर खतरे में डालने वाला है।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित खनन परियोजना से लाखों पेड़ों की कटाई होगी, जिससे पूरे क्षेत्र का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ जाएगा। हाथी, तेंदुआ, स्लॉथ भालू सहित अनेक वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट होगा और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि होने की आशंका है। हसदेव नदी और बांगो बांध के जलग्रहण क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव का खामियाजा आने वाली पीढ़ियों को जल संकट और पर्यावरणीय आपदा के रूप में भुगतना पड़ सकता है।
परवेज गांधी ने कहा कि वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने सर्वसम्मति से हसदेव अरण्य में खनन गतिविधियों का विरोध करते हुए प्रस्ताव पारित किया था। कांग्रेस सरकार ने उस समय आदिवासियों, किसानों और पर्यावरण संरक्षण के पक्ष में स्पष्ट एवं संवेदनशील रुख अपनाया जा सके विपरीत वर्तमान निर्णय जनमत और लोकतांत्रिक भावनाओं की अवहेलना है।
उन्होंने कहा कि सदियों में विकसित हुए प्राकृतिक जंगलों की भरपाई कागजों में दिखाए जाने वाले प्रतिपूरक वृक्षारोपण से नहीं हो सकती। जंगल केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि जल, जैव विविधता, संस्कृति और जीवन का आधार हैं। विकास के नाम पर प्रकृति और लोगों के अधिकारों को कुचलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
परवेज गांधी ने केंद्र सरकार से तत्काल इस निर्णय पर पुनर्विचार करने, खनन प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा स्थानीय ग्राम सभाओं, आदिवासी समुदायों और पर्यावरण विशेषज्ञों की राय को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर प्रदेश की जनता के साथ मजबूती से खड़ी है और हसदेव अरण्य को बचाने की लड़ाई हर स्तर पर जारी रखेगी।

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