7 October 2026
स्मार्ट मीटर या जनता की जेब पर ‘स्मार्ट वार’?…..बढ़ी बिजली दरों के खिलाफ अमरजीत भगत के नेतृत्व में कांग्रेस का हल्लाबोल, बिजली ऑफिस का घेराव
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स्मार्ट मीटर या जनता की जेब पर ‘स्मार्ट वार’?…..बढ़ी बिजली दरों के खिलाफ अमरजीत भगत के नेतृत्व में कांग्रेस का हल्लाबोल, बिजली ऑफिस का घेराव

Sarguja express
सहायक यंत्री व नायब तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन, बोले—बढ़े बिलों की जांच कर जनता को राहत दे सरकार
मो. हदीस, सीतापुर।
बिजली के बढ़ते बिल और स्मार्ट मीटर के खिलाफ बुधवार को सीतापुर में कांग्रेस ने ऐसा मोर्चा खोला कि बिजली विभाग का कार्यालय ही विरोध का केंद्र बन गया। पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक अमरजीत भगत के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने रैली निकालकर बिजली कार्यालय का घेराव किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का सीधा सवाल था—स्मार्ट मीटर जनता की सुविधा के लिए लगाए जा रहे हैं या बिजली के बिल को ‘स्मार्ट’ तरीके से बढ़ाने के लिए? कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार और बिजली विभाग को यह बताना चाहिए कि आखिर उपभोक्ताओं की जेब पर बढ़ता बोझ किसकी जिम्मेदारी है?
प्रदर्शन के दौरान बिजली कार्यालय में उपस्थित विद्युत विभाग के सहायक यंत्री एवं नायब तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस ने बढ़ी बिजली दरों को तत्काल कम करने, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने तथा स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिलों की जांच कराने की मांग की।
‘महंगाई से कराह रही जनता, सरकार बिजली बिल से और झटका दे रही’
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने राज्य एवं केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महंगाई से पहले ही आम आदमी परेशान है और अब बिजली के बढ़ते बिलों ने परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि बिजली कोई विलासिता नहीं, बल्कि हर परिवार की बुनियादी जरूरत है। ऐसे में बिजली महंगी कर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है।
भगत ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि स्मार्ट मीटर पारदर्शिता और सुविधा के लिए हैं तो फिर उपभोक्ताओं के बढ़े हुए बिलों की शिकायतों पर सरकार जांच कराने से पीछे क्यों हट रही है? उन्होंने कहा कि जनता के सवालों का जवाब सरकार को देना होगा।
उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में लागू 400 यूनिट तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट की व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे आम परिवारों को बड़ी राहत मिल सकती है।

ज्ञापन में रखीं ये प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम सौंपे ज्ञापन में बिजली की बढ़ी दरों को तत्काल कम करने, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार करने, स्मार्ट मीटर के कारण बढ़े बिजली बिलों की जांच कराने, गलत अथवा अधिक बिलों में सुधार करने तथा उपभोक्ताओं को पारदर्शी बिजली बिल उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके साथ ही 400 यूनिट तक बिजली बिल में 50 प्रतिशत छूट की व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग भी रखी गई।
बिजली, महंगाई और जनता के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्मार्ट मीटर और बिजली दरों का मुद्दा केवल राजनीतिक विरोध का विषय नहीं, बल्कि सीधे आम उपभोक्ता की जेब से जुड़ा मामला है। कांग्रेस ने ऐलान किया कि बिजली, महंगाई, किसान, बेरोजगारी और आम जनता की समस्याओं को लेकर सरकार से लगातार सवाल पूछे जाएंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन में शैलेष सिंह, डॉ. लालचंद यादव, तिलक बेहरा, बदरुद्दीन इराकी, गणेश सोनी, राजेश गुप्ता, संदीप गुप्ता, बिगन राम, अटल यादव, प्रेमदान कुजूर, संतोष गुप्ता, मनसुख राम, अरुण गुप्ता, बॉबी बाधवा, अशोक अग्रवाल, सुरेंद्र अग्रवाल, सुखदेव भगत, राहुल गुप्ता, मंटू गुप्ता, शिव गुप्ता, अझर साय, शंकर गुप्ता, अंकुर दास, विकास गुप्ता, विजय गुप्ता, नरेश बघेल, सुरेंद्र प्रधान, शरद गुप्ता, मिठुआ राम, रंजीत तिग्गा, शरद सोनी, लोहर साय, धनेश्वर यादव, नागेश्वर, प्रशांत, पंकज, श्याम, साजिद, जुबेर, अमन, रविदास, राहुल भारती, नीतीश ताम्रकार, अनुराग सिंह, हर्ष पांडे, रोशन गुप्ता, आदर्श, बसंत, अमन चौबे, आशु शर्मा, किशन केशरी, राजेश कन्दरा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं नागरिक मौजूद रहे।
महिला कार्यकर्ताओं में श्रीमती मनीषा पनिकर, ललिता तिर्की, अनिता लकड़ा, रुखसार, माधुरी, बबिता, प्रियंका, सुनीता, संपति, मधुमती, सरिता और संध्या सहित अन्य महिलाएं भी शामिल रहीं। इस मौके पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रही।

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