Sarguja express…..
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर सरगुजा के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन भोजनावकाश के दौरान सौंपते हुए कर्मचारियों ने सरकार से शीघ्र मांगों पर निर्णय लेने की मांग की।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि चुनाव के दौरान “मोदी की गारंटी” के तहत कर्मचारियों के हित में की गई घोषणाओं को अब तक लागू नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है। ज्ञापन में प्रमुख रूप से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) सहित छह सूत्रीय मांगों को शामिल किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य के विद्युत मंडल, न्यायिक सेवा अधिकारियों एवं अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्वीकृत कर दिया गया है, लेकिन प्रदेश के करीब 4.50 लाख अधिकारी-कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित रखा गया है। संघ ने मांग की है कि राज्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर देय तिथि से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत प्रदान की जाए तथा डीए एरियर्स की राशि जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए।
इसके अलावा कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा के आदेश शीघ्र जारी करने, सेवानिवृत्ति पर 240 दिन के स्थान पर 300 दिन का अवकाश नगदीकरण लागू करने, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने, शिक्षक एलबी संवर्ग को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा लाभ देने तथा अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत की सीलिंग समाप्त करने की मांग प्रमुख रूप से रखी गई।
इस अवसर पर संगठन के कार्यकारी सरगुजा संभागीय अध्यक्ष राजेश्वर सिंह, बिंदेश्वरी सिंह, सुधीर राणा, मुकेश झलरिया, एम.पी. वसीम, एस.के. दुबे, सूरज वर्मा, अमित कुमार सिंह, विशाल सोनी, विजय कुमार प्रभाकर, बीडी सूर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
संघ के प्रदेश महामंत्री आनंद सिंह यादव ने बताया कि यदि सरकार जल्द मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

