27 October 2026
जेल में रहे शिक्षकों को नौ माह तक नहीं किया निलंबित…. शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
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जेल में रहे शिक्षकों को नौ माह तक नहीं किया निलंबित…. शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

Sarguja express
सामाजिक कार्यकर्ता परवेज आलम गांधी ने उठाए सवाल, दो शिक्षकों के मामलों में विभागीय लापरवाही की जांच कराने की मांग
अंबिकापुर। सरगुजा जिले में आपराधिक मामलों में जेल में रहे दो शिक्षकों के निलंबन और विभागीय कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता परवेज आलम गांधी ने इस संबंध में अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपकर जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिक्षकों के जेल में रहने के दौरान समय पर विभागीय कार्रवाई नहीं की गई और एक मामले में सजा सुनाए जाने के बाद भी करीब नौ माह तक शिक्षक को सेवा से बर्खास्त करने के बजाय वेतन संबंधी लाभ मिलने की स्थिति बनी रही।
शिकायत के अनुसार, उदयपुर विकासखंड के एक शिक्षक श्री यादव को तीन जनवरी 2026 को जेल दाखिल किया गया था। आरोप है कि इसकी सूचना तत्कालीन विकासखंड शिक्षा अधिकारी उदयपुर की ओर से जिला शिक्षा कार्यालय को नहीं दी गई अथवा सूचना मिलने के बाद भी उच्च कार्यालय ने समय पर संज्ञान नहीं लिया। पत्र में उल्लेख है कि संबंधित शिक्षक को विभागीय कार्रवाई से लगभग नौ माह तक बचाए रखा गया और 15 अक्टूबर 2026 तक कार्रवाई लंबित रही। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जेल में रहने की जानकारी के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की।
शिकायत में मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के पुराने परिपत्रों का हवाला देते हुए कहा गया है कि आपराधिक मामले में दोष सिद्ध होने पर संबंधित शासकीय सेवक के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित प्रकरण में कार्रवाई में देरी से शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
पत्र में उदयपुर विकासखंड के दो अन्य शिक्षकों का मामला भी उठाया गया है। शिकायत के मुताबिक, शासकीय प्राथमिक शाला कटघोरिया पारा के प्रधान पाठक राजकुमार टोप्पो 20 जुलाई से एक अक्टूबर 2026 तक कुल 73 दिन तथा शासकीय प्राथमिक शाला जरहाडीह के सहायक शिक्षक त्रिपाल टोप्पो 31 अगस्त से छह अक्टूबर 2026 तक 37 दिन पुलिस अभिरक्षा में रहे। शिकायत में कहा गया है कि दोनों शिक्षकों को जमानत पर रिहा होने के बाद निलंबित किया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता ने जिला शिक्षा अधिकारी सरगुजा और विकासखंड शिक्षा अधिकारी उदयपुर की भूमिका की जांच कर जिम्मेदारी तय करने तथा नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।

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