14 August 2026
आवारा मवेशियों से फसल बचाने कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, गेट पर बैठा दिया मवेशियों का झुंड….शहर से पकड़कर गांव में छोड़े जाने का आरोप, धान की फसल चौपट होने से नाराज परसा-भकुरा के ग्रामीणों का अनोखा विरोध
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आवारा मवेशियों से फसल बचाने कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान, गेट पर बैठा दिया मवेशियों का झुंड….शहर से पकड़कर गांव में छोड़े जाने का आरोप, धान की फसल चौपट होने से नाराज परसा-भकुरा के ग्रामीणों का अनोखा विरोध

Sarguja express…..

अंबिकापुर। खेती-किसानी के महत्वपूर्ण सीजन में खेतों में घुस रहे आवारा मवेशियों से फसल बचाने की मांग को लेकर ग्राम परसा-भकुरा के ग्रामीण किसानों ने गुरुवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने साथ सैकड़ों आवारा मवेशियों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। किसानों ने मवेशियों को कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने बैठा दिया। अचानक बड़ी संख्या में मवेशियों के पहुंचने से कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखते हुए आवारा मवेशियों की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।

ग्रामीण किसानों का कहना है कि वर्तमान में खेतों में धान की फसल लगी हुई है। ऐसे समय में आवारा मवेशियों के झुंड लगातार खेतों में प्रवेश कर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों को दिन-रात खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। इसके बावजूद मवेशियों के झुंड के कारण फसल को बचाना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर निगम क्षेत्र में सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को पकड़ने के बाद उन्हें निर्धारित स्थल पर रखने के बजाय आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रात को छोड़ दिया जा रहा है। परसा-भकुरा से पहुंचे किसानों ने दावा किया कि गांव में पहुंच रहे कई मवेशी स्थानीय नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर निगम क्षेत्र से मवेशियों को पकड़कर ग्रामीण इलाकों की ओर छोड़ दिया जाता है। इससे पहले से ही फसल की सुरक्षा को लेकर परेशान किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। किसानों ने कहा कि धान की फसल तैयार होने के समय मवेशियों से होने वाला नुकसान उनके लिए गंभीर आर्थिक समस्या बन सकता है। खेती पर निर्भर परिवारों के लिए एक-एक फसल महत्वपूर्ण है। ऐसे में यदि आवारा मवेशियों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

कलेक्ट्रेट गेट पर लगा मवेशियों का झुंड

ग्रामीणों ने अपनी परेशानी प्रशासन तक सीधे पहुंचाने के लिए मवेशियों को कलेक्ट्रेट तक लाने का निर्णय लिया। देखते ही देखते कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के सामने बड़ी संख्या में मवेशियों का झुंड जमा हो गया। ग्रामीणों ने कहा कि जब शहर की समस्या को गांव की ओर भेजा जा रहा है तो अब मवेशियों को लेकर वे भी प्रशासन के दरवाजे तक पहुंचने को मजबूर हैं। मवेशियों के कलेक्ट्रेट पहुंचने की सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। बाद में कोटवारों की सहायता से मवेशियों को कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार से हटाकर किनारे कराया गया।

शहर की सड़कों पर भी आवारा मवेशियों का कब्जा

आवारा मवेशियों की समस्या केवल ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है। अंबिकापुर शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भी मवेशियों के झुंड सड़क पर बैठे या विचरण करते नजर आते हैं। बिलासपुर मार्ग पर बड़ी संख्या में मवेशियों के सड़क पर जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी होती है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। शहर के अन्य व्यस्त मार्गों पर भी यही स्थिति देखने को मिलती है।

घुटरापारा में व्यवस्था के बावजूद सवाल

नगर निगम द्वारा आवारा मवेशियों को पकड़कर रखने के लिए घुटरापारा क्षेत्र में व्यवस्था किए जाने की बात कही जाती है। इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि पकड़े गए मवेशियों को वहां रखने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में छोड़ दिया जा रहा है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आवारा मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था की जाए।

 

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