10 July 2026
आयुष्मान योजना की जांच में ‘मैनेजमेंट’ का खेल? 14 करोड़ की प्रोत्साहन राशि पर उठे सवाल, कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश…..संभागीय जांच लगभग पूरी होने की चर्चा, लीपापोती के आरोपों से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गरमाया माहौल; भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
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आयुष्मान योजना की जांच में ‘मैनेजमेंट’ का खेल? 14 करोड़ की प्रोत्साहन राशि पर उठे सवाल, कर्मचारियों में बढ़ा आक्रोश…..संभागीय जांच लगभग पूरी होने की चर्चा, लीपापोती के आरोपों से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गरमाया माहौल; भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

Sarguja express…..

अंबिकापुर। राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, अंबिकापुर में आयुष्मान भारत योजना के तहत कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच अब नए विवादों में घिरती नजर आ रही है। शिकायत के बाद संभाग आयुक्त द्वारा गठित तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय संभागीय जांच समिति की जांच लगभग पूरी होने की चर्चा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार अब पूरे मामले में लीपापोती और अनियमितताओं को मैनेज किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इसे लेकर अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक आयुष्मान भारत योजना में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद मार्च माह में आयुष्मान शाखा में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर राजेंद्र गुप्ता को शाखा से पृथक कर अस्पताल अधीक्षक कार्यालय में अन्य कार्यालयीन कार्यों के लिए आदेशित किया गया था। इसके बाद संभागीय जांच समिति ने कई दिनों तक दस्तावेजों और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच की। हालांकि अब यह चर्चा तेज है कि जांच को अंतिम रूप देने से पहले मामले को दबाने और अनियमितताओं को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि पिछले लगभग दो वर्षों से आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मिलने वाली करीब 14 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि का वितरण लंबित है। आरोप है कि पूर्व में इस राशि का भुगतान योजना के वास्तविक पात्र चिकित्सकों और कर्मचारियों को नहीं कर कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया गया। इसी को लेकर वित्तीय अनियमितता की शिकायत उच्च स्तर तक पहुंची थी, जिसके बाद जांच समिति का गठन किया गया।

इधर, अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि लंबे समय से उनकी प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी कर जल्द भुगतान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले पर सभी की निगाहें संभागीय जांच समिति की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना है। वहीं यदि जांच रिपोर्ट में शिकायतों को नजरअंदाज किया जाता है, तो यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है।

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