Sarguja express…..
अंबिकापुर….देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में एक बार फिर पेपर लीक की घटना सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण, चिंताजनक एवं शिक्षा व्यवस्था पर कलंक के समान है। भारत में दूसरी बार NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की गोपनीयता भंग होना यह दर्शाता है कि परीक्षा संचालन और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां मौजूद हैं। यह मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य, उनके सपनों और वर्षों की मेहनत से जुड़ा हुआ है।
आज़ाद सेवा संघ, छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा ने इस पूरे मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आना बेहद गंभीर विषय है। मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों द्वारा सामने आई जानकारियों के अनुसार पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था, जहां कुछ दलालों और संगठित गिरोहों द्वारा मोटी रकम लेकर परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। यह भी सामने आया कि कुछ परीक्षा केंद्रों एवं संबंधित लोगों की मिलीभगत से परीक्षा की गोपनीयता भंग हुई, जिससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिस परीक्षा के माध्यम से देश के भविष्य के डॉक्टर चुने जाते हैं, यदि उसी परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था कमजोर हो जाए तो यह पूरे सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। लाखों छात्र दिन-रात कठिन मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन कुछ भ्रष्ट लोगों की वजह से ईमानदार विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। यह केवल पेपर लीक नहीं बल्कि युवाओं के विश्वास और मेहनत के साथ सीधा खिलवाड़ है।
NTA द्वारा परीक्षा रद्द होना गंभीर लापरवाही का प्रमाण
रचित मिश्रा ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं और अनियमितताओं के बाद NTA द्वारा परीक्षा रद्द किया जाना यह साबित करता है कि परीक्षा प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां हुई थीं। परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों को मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और भविष्य को लेकर असमंजस का सामना करना पड़ रहा है। जिन विद्यार्थियों ने वर्षों तक मेहनत करके परीक्षा दी, उन्हें दोबारा उसी कठिन प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है, जो बेहद पीड़ादायक स्थिति है।
उन्होंने कहा कि सरकार और संबंधित एजेंसियों को केवल परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे पेपर लीक नेटवर्क का खुलासा कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में छात्रों का राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली से विश्वास पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
मेहनती छात्रों के साथ न्याय होना जरूरी
आज़ाद सेवा संघ का मानना है कि देश का युवा ही भारत का भविष्य है और उनके सपनों एवं मेहनत के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। कई गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए अपनी आर्थिक स्थिति तक दांव पर लगा देते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता नहीं बल्कि उन परिवारों की उम्मीदों पर भी बड़ा आघात हैं।
आज़ाद सेवा संघ मांग करता है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कठोर सजा दी जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाया जाए।

