Sarguja express….
अंबिकापुर। सरगुजा में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के एक बुजुर्ग परिवार ने अपनी पट्टे की जमीन पर कथित कब्जे और जान से मारने की धमकी का गंभीर आरोप लगाया है। हालात ऐसे होने का दावा किया गया है कि करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग को परिवार सहित अपनी जमीन और गांव छोड़कर जंगल में झोपड़ी बनाकर रहने को मजबूर होना पड़ा है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक सरगुजा को आवेदन देकर जमीन वापस दिलाने और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
पुलिस को दिए आवेदन के मुताबिक, शिकायतकर्ता मंगरी केरकेट्टा, निवासी ग्राम बड़दमाली, कोरवा पारा क्षेत्र, पहाड़ी कोरवा समुदाय से हैं। परिवार का कहना है कि शासन की ओर से उन्हें संबंधित जमीन का पट्टा भी प्रदान किया जा चुका है, इसके बावजूद गांव के कुछ लोगों द्वारा जमीन पर कथित रूप से जबरन कब्जा किया जा रहा है।
जमीन का पट्टा हाथ में, फिर भी जंगल बना ठिकाना
परिवार का आरोप है कि जमीन को लेकर विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। आवेदन में गांव के कुछ लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए उन पर जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। लगातार धमकियों और अनहोनी की आशंका से परिवार इतना भयभीत है कि उसने गांव से दूर जंगल में झोपड़ी बनाकर शरण लेने का दावा किया है।
बुजुर्ग ने एसपी से गुहार लगाई है कि मामले की तत्काल जांच कर उनकी पट्टे की जमीन पर कथित कब्जा हटवाया जाए और परिवार को सुरक्षित तरीके से वापस बसाने की व्यवस्था की जाए। शिकायत में परिवार ने आशंका जताई है कि उनके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि शिकायतकर्ता विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय से है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा कि पट्टे की जमीन पर वर्तमान कब्जा किसका है और परिवार को जंगल में रहने की नौबत किन परिस्थितियों में आई।
फिलहाल कब्जे, धमकी और प्रताड़ना से संबंधित बातें पीड़ित पक्ष के आरोप हैं। पुलिस-प्रशासन की जांच और दूसरे पक्ष का पक्ष सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

