Sarguja express….
स्वच्छता की जगह सज गई दुकान
प्रतापपुर के घाट पेंडारी में सरकारी शौचालय पर कब्जे का आरोप; ग्रामीणों का तंज—सुविधा बदल गई, भवन वही है; सीईओ बोले-जांच कराएंगे
प्रतापपुर। सामुदायिक शौचालय का नाम सुनते ही जेहन में सार्वजनिक सुविधा और स्वच्छता की तस्वीर आती है, लेकिन सरगुजा संभाग के प्रतापपुर क्षेत्र में एक सामुदायिक शौचालय इन दिनों बिल्कुल अलग वजह से चर्चा में है। यहां कथित तौर पर शौचालय की सुविधा मिले या न मिले, चाय-नाश्ता और अंडे जरूर मिल रहे हैं। ग्राम पंचायत घाट पेंडारी में सड़क किनारे सरकारी योजना के तहत बनाए गए सामुदायिक शौचालय में दुकान संचालित होने का मामला सामने आने के बाद पंचायत की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि आम लोगों की सुविधा और स्वच्छता के उद्देश्य से बनाया गया सामुदायिक शौचालय लंबे समय से कथित कब्जे की चपेट में है। भवन के भीतर चाय-नाश्ता, अंडा और बीड़ी-सिगरेट की दुकान संचालित किए जाने की बात कही जा रही है। दुकान भी अस्थायी रूप से नहीं, बल्कि व्यवस्थित तरीके से संचालित होने का दावा ग्रामीण कर रहे हैं।
‘जहां स्वच्छता की सुविधा मिलनी थी, वहां सज गया नाश्ते का काउंटर’
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में इसकी खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग इसे सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन से जोड़कर कटाक्ष कर रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जिस सरकारी भवन को सार्वजनिक शौचालय के रूप में इस्तेमाल होना था, वह दुकान में कैसे बदल गया और पंचायत के जिम्मेदारों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई?
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भवनों की नियमित निगरानी होती तो सामुदायिक शौचालय में लंबे समय तक व्यावसायिक गतिविधि संचालित करना संभव नहीं होता। मामले को लेकर सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली और पंचायत स्तर की निगरानी पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा-कब्जा हटाकर शुरू कराएं शौचालय
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कराने, कथित कब्जा हटाने और सामुदायिक शौचालय को उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप आम जनता के लिए चालू कराने की मांग की है। साथ ही लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग भी की गई है।
इस संबंध में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिल तिवारी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

