Sarguja express….
मवेशियों के अवशेष मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी…
शहर से 8 KM दूर मवेशियों के अवशेषों का जखीरा!
ग्रामीणों ने खोला राज, पुलिस पहुंचते ही संदेही हुआ फरार
ग्रामीणों का दावा—बरगद के पेड़ पर भूत-प्रेत का डर बताकर लोगों को रखा जाता था दूर
कार से मांस अंबिकापुर ले जाने का भी लगाया आरोप
अंबिकापुर। दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम खाला-बकालो में श्मशान के समीप बड़ी मात्रा में मवेशियों के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। शहर से करीब आठ किलोमीटर दूर हुई इस घटना की सूचना ग्रामीणों ने स्नेक मैन सत्यम द्विवेदी को दी। इसके बाद उन्होंने सरगुजा एसपी से संपर्क कर मामले की जानकारी दी। एसपी के निर्देश पर डीएसपी निशांत गौरव कुर्रे, सत्यम द्विवेदी और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
मौके पर श्मशान और उसके बगल में स्थित बरगद के पेड़ के नीचे बड़ी मात्रा में मवेशियों के अवशेष मिले। ग्रामीणों ने पुलिस के समक्ष आशंका जताई कि क्षेत्र में लंबे समय से कथित तौर पर गोवंश काटने की गतिविधियां चल रही थीं। हालांकि अवशेष किन मवेशियों के हैं और वहां वास्तव में क्या गतिविधियां संचालित हो रही थीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
‘भूत-प्रेत का साया है, उधर मत जाना’
ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान के पास स्थित बरगद के पेड़ को लेकर गांव में डर का माहौल बनाया गया था। कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से कहा जाता था कि पेड़ और आसपास के इलाके में भूत-प्रेत का साया है, इसलिए वहां कोई न जाए। अब उसी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में मवेशियों के अवशेष मिलने के बाद ग्रामीण कई तरह के सवाल उठा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में कथित रूप से मवेशियों को काटा जाता था और एक व्यक्ति कार के जरिए मांस लोड कर अंबिकापुर ले जाता था। ग्रामीणों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर संदेह जताते हुए पुलिस को इसकी जानकारी दी।
पुलिस पहुंची तो बाइक छोड़कर भागा संदेही
जांच के दौरान डीएसपी और अन्य लोग ग्रामीणों द्वारा बताए गए संदिग्ध व्यक्ति के घर के पास पहुंचे। बताया जा रहा है कि पुलिस को आता देख संदेही अपनी मोटरसाइकिल मौके पर छोड़कर फरार हो गया। इससे पुलिस का संदेह और गहरा गया है। अब पुलिस संबंधित व्यक्ति की तलाश के साथ पूरे मामले की जांच में जुटी है।
शहर में पहले भी सामने आ चुके हैं मांस मिलने के मामले
हाल के दिनों में अंबिकापुर शहर के दो स्थानों पर कथित गौमांस मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में शहर से महज आठ किलोमीटर दूर श्मशान के आसपास इतनी बड़ी मात्रा में मवेशियों के अवशेष मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या सुनसान क्षेत्र का इस्तेमाल लंबे समय से मवेशियों को काटने के लिए किया जा रहा था, अवशेष वास्तव में गोवंश के हैं या अन्य मवेशियों के और यहां से मांस अंबिकापुर पहुंचाए जाने के ग्रामीणों के आरोप में कितनी सच्चाई है—इन सभी बिंदुओं का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।

