22 August 2026
बहू के सिर पर फावड़े से जानलेवा हमला करने वाले ससुर को अदालत ने सुनाई 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा….खेती-बाड़ी की बात पर हुआ था विवाद, 15 गवाह और 35 साक्ष्य बने सजा का आधार
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बहू के सिर पर फावड़े से जानलेवा हमला करने वाले ससुर को अदालत ने सुनाई 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा….खेती-बाड़ी की बात पर हुआ था विवाद, 15 गवाह और 35 साक्ष्य बने सजा का आधार

Sarguja express…..

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लुण्ड्रा थाना क्षेत्र में खेती-बाड़ी के विवाद को लेकर बहू के सिर पर फावड़े से जानलेवा हमला करने वाले ससुर को अदालत ने 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंबिकापुर के न्यायालय ने आरोपी पेरवा राम उर्फ प्रेमा राम (60), निवासी गेरसा महुआपारा को हत्या के प्रयास का दोषी पाते हुए एक हजार रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
मामला 14 जुलाई 2025 का है। ग्राम गेरसा महुआपारा में दोपहर करीब 12 बजे खेती-बाड़ी की बात को लेकर पेरवा राम का अपनी बहू अनिता कुजूर से विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान उसने फावड़े से अनिता के सिर के पिछले हिस्से पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से खून बहने लगा और अनिता बेहोश होकर जमीन पर गिर गई थी।
घटना के बाद लुण्ड्रा पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और उसके मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त फावड़ा (कोड़ी) बरामद किया गया। घटनास्थल से खून लगी और साधारण मिट्टी के नमूने भी जब्त किए गए। जब्त सामग्री को परीक्षण के लिए एफएसएल भेजने के साथ हथियार का क्यूरी परीक्षण भी कराया गया।
मामले की विवेचना तत्कालीन विवेचक सहायक उप निरीक्षक एस.आर. साहू ने की। जांच पूरी होने के बाद 7 अक्टूबर 2025 को आरोपी के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) के तहत आरोप तय किए गए थे।
अभियोजन पक्ष ने सुनवाई के दौरान 15 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और 35 आर्टिकल साक्ष्य के रूप में न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। पुलिस द्वारा जुटाए गए भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अभियोजन की पैरवी के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने 21 अगस्त को फैसला सुनाते हुए उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

पीड़िता को मुआवजा देने की भी अनुशंसा

न्यायालय ने पीड़िता अनिता कुजूर को हुई गंभीर एवं दीर्घकालीन शारीरिक क्षति, उपचार और दैनिक जीवन पर पड़े प्रभाव को देखते हुए एक हजार रुपए के अर्थदंड को पर्याप्त प्रतिकर नहीं माना। अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत पीड़िता को उचित मुआवजा दिए जाने की अनुशंसा भी की है। मामले में प्रभावी विवेचना को लेकर पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने विवेचक एएसआई एस.आर. साहू और जांच में सहयोग करने वाले लुण्ड्रा थाना स्टाफ को उचित पारितोषिक देने की घोषणा की है। वहीं डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने विवेचक की कार्यकुशलता और विवेचना की प्रशंसा की है।

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