Sarguja express….
अंबिकापुर। समाज की सुरक्षा में दिन-रात तैनात रहने वाली महिला पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर सरगुजा में विशेष पहल की जा रही है। सरगुजा संभाग में पहली बार महिला पुलिसकर्मियों के लिए विशेष ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन 23 अगस्त को पुलिस लाइन अंबिकापुर में किया जाएगा। शिविर सुबह 11 बजे से शुरू होगा। खास बात यह है कि महिला पुलिसकर्मियों के साथ आम महिलाएं भी शिविर में पहुंचकर स्क्रीनिंग और चिकित्सकीय परामर्श का लाभ ले सकेंगी।
भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा सरगुजा, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सरगुजा और लायंस क्लब अंबिकापुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में ब्रेस्ट कैंसर की जांच के साथ स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक परीक्षण किए जाएंगे। इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों को आपात स्थिति में किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए सीपीआर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
शिविर में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयू प्रकाश सक्सेना के मार्गदर्शन में विशेषज्ञ चिकित्सकों और मेडिकल टीम द्वारा महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग की जाएगी। जांच के साथ चिकित्सकीय परामर्श भी दिया जाएगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय रहते इसकी पहचान के महत्व को समझाना है।
आईएमए सरगुजा के सचिव डॉ. अर्पण सिंह चौहान ने बताया कि महिला पुलिसकर्मी परिवार और समाज की सुरक्षा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं। ड्यूटी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच कई बार वे अपने स्वास्थ्य पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पातीं। इसी को ध्यान में रखते हुए विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जा रहा है। आयोजन का संदेश है कि जो समाज की सुरक्षा करती हैं, उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है।
आम महिलाओं को भी मिलेगा स्क्रीनिंग का लाभ
आयोजकों के अनुसार यह शिविर केवल महिला पुलिसकर्मियों तक सीमित नहीं रहेगा। सरगुजा जिले की आम महिलाएं भी पुलिस लाइन पहुंचकर ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग और चिकित्सकीय परामर्श का लाभ उठा सकेंगी। महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करने का प्रयास भी किया जाएगा।
चिकित्सकों के अनुसार ब्रेस्ट कैंसर की समय पर पहचान होने से उपचार की संभावनाएं बेहतर होती हैं। इसलिए महिलाओं को किसी गंभीर लक्षण का इंतजार करने के बजाय स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक रहना चाहिए। स्वास्थ्य शिविर के साथ सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसमें आपात परिस्थितियों में प्राथमिक जीवनरक्षक प्रक्रिया के बारे में जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों को ऐसी परिस्थितियों के लिए तैयार करना है, जहां समय पर सीपीआर देकर किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में मदद की जा सके।







