Sarguja express….
मो,हदीस,
सीतापुर। क्षेत्र में उर्वरक की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। किसानों ने आरोप लगाया है कि खाद विक्रेता शासकीय दर से दोगुने से अधिक मूल्य पर यूरिया बेच रहे हैं। शिकायत मिलने पर कृषि विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया तथा गोदाम से 32 बोरी उर्वरक जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सहनपुर स्थित रक्षित बीज भंडार से गांव के किसान बुचुराम ने तीन बोरी यूरिया खरीदी। किसान का आरोप है कि दुकान संचालक ने भूमि संबंधी दस्तावेज देखने के बाद उसे यूरिया तो उपलब्ध कराया, लेकिन प्रति बोरी 270 रुपये की निर्धारित कीमत के स्थान पर 650 रुपये वसूले। इस तरह तीन बोरी यूरिया, जिसकी शासकीय कीमत 810 रुपये थी, उसके बदले किसान से 1,950 रुपये लिए गए। आरोप है कि दुकान संचालक ने बिल तो शासकीय दर का दिया, जबकि अतिरिक्त राशि नकद वसूल ली।
घर पहुंचने पर परिजनों ने बिल और भुगतान की राशि में अंतर देखा, जिसके बाद मामले की जानकारी सामने आई। किसान का कहना है कि उसने शासकीय दर पर खाद देने का आग्रह किया, लेकिन दुकानदार ने अधिक कीमत चुकाने पर ही यूरिया देने की बात कही। फसल को समय पर खाद नहीं मिलने से नुकसान की आशंका के कारण उसे मजबूरी में अधिक कीमत देकर खाद खरीदनी पड़ी।
मामले की शिकायत कृषि विभाग से किए जाने पर विभागीय टीम ने दुकान में दबिश देकर जांच की। कार्रवाई के दौरान गोदाम से 32 बोरी उर्वरक जब्त किया गया तथा उर्वरक के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। जांच पूरी होने तक दुकान संचालक की समस्त उर्वरकों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। साथ ही संबंधित उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है।
कार्रवाई में अनुविभागीय कृषि अधिकारी अनीता एक्का, संतोष कुमार बेक, महेंद्र सिंह तथा गब्बर नगवंशी सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

