Sarguja express
अंबिकापुर.
लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार हेतु आने वाले गर्भवती शिशुबती माता और बच्चों को मिलने वाली निशुल्क दवा बड़ी मात्रा में एक्सपायरी हो गई है। अस्पताल प्रबंधन के लापरवाही के कारण क्षेत्र के गर्भवती महिलाओं शिक्षुवती माताओ और बच्चों को सही समय पर विटामिन ए, आयरन सहित अन्य दवा वितरण नहीं होने से बड़ी मात्रा में दवा एक्सपायरी हो गई है अस्पताल प्रबंधन के द्वारा खुले में उसे दवा को रखा गया था। जब मीडिया कर्मी की टीम अस्पताल पहुंची तो दवा वितरण प्रभारी अमित शिशोदिया के द्वारा उक्त एक्सपायरी दावों को स्टोर रूम में रखा दिया गया।सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं।अस्पताल परिसर में स्थित मर्चुरी (शव गृह) के बरामदे के पास खुले स्थान पर सैकड़ों की संख्या में सन् 2022आयरन सिरप की 6 माह से एस्पायर विटामिन ए सहित एनी दवा की पेटियां खुले में रखी हुई हैं। आयरन सिरप मुख्य रूप से महिलाओं, विशेषकर गर्भवती महिलाओं तथा विटामिन ए 0से 5 वर्ष तक के बच्चों को स्वास्थ्य लाभ के लिए वितरित किया जाता है।लेकिन अस्पताल परिसर में खुले स्थान पर रखी गई इन दवाओं की स्थिति को लेकर लोगों में चिंता व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, खुले स्थान पर रखे गए सिरप की बोतलों पर वर्ष 2022 की मैन्युफैक्चरिंग डेट अंकित है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि वर्ष 2022 में निर्मित सिरप का वर्ष 2026 में भी वितरण किया जा रहा है या नहीं। अस्पताल परिसर में मरीजों के साथ आने वाले बच्चे इन सिरप की बोतलों को उठाकर खेलते हुए भी देखे गए, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि उक्त स्थान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सीएमओ डॉ. पी. एस. मार्को के निवास स्थल से लगभग 50 फीट की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद दवाओं का इस प्रकार खुले में रखा जाना अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
इस संबंध में दवा वितरण प्रभारी अमित सिसोदिया से चर्चा किए जाने पर उन्होंने बताया कि संबंधित आयरन सिरप एक्सपायर नहीं हुआ है। तथा इसकी वैधता वर्ष 2027 तक है। उनके अनुसार सिरप को वितरण के उद्देश्य से वहां रखा गया है। हालांकि सिरप की बोतलों पर वर्ष 2022 की निर्माण तिथि अंकित होने के कारण लोगों के मन में इसकी गुणवत्ता और उपयोग अवधि को लेकर संशय बना हुआ। यही नहीं विटामिन ए की दवा 6 माह से एस्पायरि है। सहायक खंड चिकित्सा अधिकारी बी नागवंशी को दवा वितरण हेतु दिया गया था। छत टपकने की वजह से खुले में रखे दवा का मैन्युफैक्चरिंग एक्सपायरी और बैच नंबर मिट गया होगा। मामला संज्ञान में आने के बाद दवा वितरण प्रभारी के द्वारा एक्सपायरी दावों को पुनः स्टोर रूम में रख दिया गया।अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि दवाएं वैध हैं तो उन्हें सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप भंडारित क्यों नहीं किया गया, और यदि वे वितरण के लिए रखी गई हैं तो उनकी गुणवत्ता तथा उपयोग अवधि को लेकर स्पष्ट जानकारी क्यों उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। खुले स्थान पर दवाओं का रखा जाना न केवल सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय है, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्न खड़े करता है। जांच का विषय के दवा एक्सपायरी है स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
दवाओं को रखने पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं- बीएमओ
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर बीएमओ डॉ. ओ. पी. प्रसाद से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं को रखने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है, इसलिए वितरण के लिए सिरप की पेटियां बरामदे के पास रखी गई हैं। जब उनसे वर्ष 2022 में निर्मित सिरप के वितरण और उसकी एक्सपायरी अवधि के संबंध में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह यह नहीं बता सकते कि आयरन सिरप कितने वर्षों में एक्सपायर होता है। देख कर बता सकता हूं कंपनी के हिसाब से एक्सपायरी होता है.

