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22.79 लाख छात्रों की मेहनत और भविष्य से खिलवाड़, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग
अंबिकापुर। NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज आलम गांधी ने केंद्र सरकार और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह घटना देश की परीक्षा प्रणाली और संस्थागत व्यवस्था की बड़ी विफलता को दर्शाती है।
परवेज आलम गांधी ने अपने बयान में कहा कि 22.79 लाख छात्रों की महीनों की मेहनत, सपनों और भविष्य पर इस तरह का फैसला सिस्टम का सीधा तमाचा है। देश के 551 शहरों और लगभग 5400 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होने के बावजूद यदि परीक्षा सुरक्षित नहीं रह पाती, तो यह सरकार और व्यवस्था की गंभीर नाकामी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि एक ओर केंद्र सरकार “परीक्षा पर चर्चा” जैसे कार्यक्रम आयोजित करती है, वहीं दूसरी ओर देश के छात्र लगातार पेपर लीक, धांधली और बार-बार परीक्षा रद्द होने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। हर साल पेपर लीक, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार की खबरें सामने आती हैं, जिसका खामियाजा छात्रों को मानसिक तनाव और अनिश्चितता के रूप में भुगतना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का रद्द होना नहीं है, बल्कि करोड़ों युवाओं के भरोसे को तोड़ने वाली घटना है। परीक्षाओं की शुचिता जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है कि संस्थागत जिम्मेदारी तय हो और छात्रों पर बार-बार व्यवस्थागत विफलताओं का बोझ न डाला जाए।
परवेज आलम गांधी ने केंद्र सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में देश के युवाओं के सपनों के साथ इस तरह का खिलवाड़ दोबारा न हो।

