Sarguja express…..

अम्बिकापुर। सीतापुर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ हुए गैंगरेप मामले में पहली मेडिकल रिपोर्ट को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शुरुआती मेडिकल जांच में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण पीड़ित बच्चियों को समय पर न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हुई। कांग्रेस ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और कहा कि यदि तीन दिन के भीतर दोषी चिकित्सक पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। प्रदर्शन में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और किसान कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। स्थिति को देखते हुए सीएमएचओ कार्यालय परिसर में पुलिस बल भी तैनात रहा।
दरअसल, कुछ दिनों पहले सीतापुर थाना क्षेत्र में दो नाबालिग आदिवासी बच्चियों के साथ गैंगरेप की घटना सामने आई थी। घटना के बाद पीड़िताओं की पहली मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि नहीं हुई थी। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद मामले को लेकर कई सवाल खड़े हुए थे। बाद में बच्चियों की जांच अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज में कराई गई, जहां गैंगरेप की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पहली मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉक्टर ने जांच में लापरवाही बरती और सत्ता पक्ष उसे बचाने का प्रयास कर रहा है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि यह केवल चिकित्सकीय लापरवाही का मामला नहीं है, बल्कि आदिवासी बच्चियों के न्याय से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यदि डॉक्टर पर कार्रवाई नहीं होती है तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि पहली मेडिकल रिपोर्ट ने पूरे मामले को कमजोर करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि दूसरी जांच नहीं होती तो पीड़ित बच्चियों को न्याय मिलना मुश्किल हो जाता। नगर निगम नेता प्रतिपक्ष सफी अहमद, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, अजय अग्रवाल और भानु प्रताप सिंह सहित अन्य नेताओं ने भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पी. एस. मार्को ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि कलेक्टर स्तर पर पूरे प्रकरण की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सीएमएचओ ने कहा कि प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है और जांच के आधार पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद यह मामला और अधिक गरमा गया है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर अब प्रशासनिक जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है। यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होती, तो आने वाले दिनों में जिले में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

