Sarguja express….
प्रतापपुर। नगर के मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद कोयला और बॉक्साइट से लदे भारी वाहन बेखौफ होकर गुजर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ये वाहन दिनदहाड़े प्रतापपुर थाना के सामने से होकर नगर के व्यस्ततम मार्ग से गुजरते देखे जा रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन के आदेश और भारी वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि आम जनता की सुरक्षा और नगर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए सूरजपुर जिला प्रशासन द्वारा नगर के मुख्य मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई है। इस मामले को लेकर पूर्व में भी स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों द्वारा प्रशासन के समक्ष शिकायतें एवं मांगें रखी जाती रही हैं। वहीं, प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह की पहल पर भी इस मार्ग को भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित रखने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर पहल की गई है।
प्रतिबंध के बावजूद मुख्य बाजार से गुजर रहे भारी ट्रक
इसके बावजूद कोयला और बॉक्साइट से लदे ट्रक प्रतिबंधित मार्ग से होकर नगर में प्रवेश कर रहे हैं। सबसे गंभीर स्थिति यह है कि भारी वाहन प्रतापपुर थाना के सामने से होकर दिनदहाड़े गुजर रहे हैं, जबकि इसी मार्ग पर स्कूली बच्चों, राहगीरों, व्यापारियों और आम नागरिकों की लगातार आवाजाही रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की इस तरह आवाजाही से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। पहले से ही व्यस्त मार्ग पर भारी वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
कम दूरी के चक्कर में प्रतिबंधित रास्ते का इस्तेमाल?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ कोयला एवं बॉक्साइट लोड वाहन अपने निर्धारित मार्ग को छोड़कर कम दूरी तय करने के उद्देश्य से नगर के इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं। यदि ऐसा है तो यह न केवल यातायात नियमों और प्रशासनिक प्रतिबंधों की अनदेखी है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर मामला है।
भारी वाहनों की लगातार आवाजाही का असर अब सड़क पर भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर सड़क उखड़ने लगी है और गड्ढे बनने शुरू हो गए हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि इसी तरह भारी वाहन चलते रहे तो सड़क जल्द ही जर्जर हो सकती है और इसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ेगा। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का आरोप है कि प्रतिबंध के बावजूद भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ट्रक चालकों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। लोगों का सवाल है कि यदि किसी मार्ग पर प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, तो फिर प्रतिबंधित मार्ग से गुजरने वाले वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
कुछ लोगों द्वारा ट्रकों से एंट्री लेकर उन्हें इस मार्ग से गुजरने की कथित खुली छूट दिए जाने की भी चर्चा की जा रही है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
स्कूली बच्चों और राहगीरों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
प्रतिबंधित मार्ग से कोयला एवं बॉक्साइट लदे भारी वाहनों की आवाजाही का सबसे बड़ा खतरा आम जनता की सुरक्षा को लेकर है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, व्यापारी और राहगीर आवागमन करते हैं। भारी वाहनों की तेज आवाजाही के बीच किसी बड़े हादसे की आशंका से लोग चिंतित हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को पहले ही सख्ती बरतनी चाहिए। प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही तत्काल रोककर नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार चालानी एवं कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
विधायक शकुंतला सिंह ने कहा—प्रतिबंधित मार्ग पर आवागमन बर्दाश्त नहीं
मामले को लेकर व्यापारियों एवं आम नागरिकों द्वारा सूरजपुर कलेक्टर और प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह के समक्ष शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत पर विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों का इस तरह आवागमन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही तत्काल रोकने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही।
वहीं, इस संबंध में सूरजपुर कलेक्टर की ओर से भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ नियमानुसार जुर्माना एवं कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

