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अंबिकापुर। शासकीय भूमि को फर्जी दस्तावेजों के जरिए निजी भूमि दर्शाकर बिक्री करने के मामले में कमलेश्वरपुर पुलिस एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सरकारी जमीन के अभिलेखों में कूटरचना कर धोखाधड़ी की थी। मामले में शामिल अन्य आरोपी घटना के बाद से फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी उमेश्वर सिंह ने थाना कमलेश्वरपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि खसरा नंबर 1378 के वर्ष 1954-55 के अधिकार अभिलेख में फर्जी तरीके से निजी भूमि की प्रविष्टि तैयार कर कूटरचना की गई है। शिकायत की जांच में सामने आया कि उक्त खसरा नंबर की भूमि बंदोबस्त वर्ष 1995-96 के अभिलेखों में भी शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। यह भूमि छोटे झाड़ के जंगल मद में शामिल है। इसके बावजूद वर्ष 1954-55 के अधिकार अभिलेख में इसे निजी भूमि दर्शाने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रविष्टि तैयार की गई थी।
जांच के दौरान इस मामले में तुलेश्वर गुप्ता एवं अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर थाना कमलेश्वरपुर में अपराध क्रमांक 82/26 के तहत धारा 420, 467, 468, 471 एवं 34 भादवि के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर तुलेश्वर गुप्ता को पकड़कर पूछताछ की। आरोपी ने अपना नाम तुलेश्वर गुप्ता, पिता गणेश गुप्ता, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम अलोला, थाना कापू, जिला रायगढ़ बताया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। अपराध में संलिप्तता के साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।
पुलिस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। साथ ही प्रकरण की अग्रिम जांच और विवेचना जारी है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कमलेश्वरपुर निरीक्षक लक्ष्मी नारायण साव, सहायक उप निरीक्षक ललन गुप्ता, प्रधान आरक्षक विजय रवि, राजीव कुजूर, आरक्षक सूरज राठिया एवं साइबर सेल अंबिकापुर की टीम सक्रिय रही।

