Sarguja express….
एसडीएम रामराज सिंह और तहसीलदार अमन चतुर्वेदी ने मौके पर पहुंचकर की जांच, संचालक को तीन दिन में जवाब देने का नोटिस
अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोरता की शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण की अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों के भारी विरोध और राशन दुकान में ताला जड़ने के बाद प्रशासन हरकत में आया। शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर दुकान के स्टॉक और वितरण रिकॉर्ड की जांच की, जिसमें 247.73 क्विंटल चावल और 3.13 क्विंटल शक्कर की कमी पाई गई। इतनी बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की कमी सामने आने के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण राशन दुकान पहुंचे थे। ग्रामीणों ने समय पर राशन नहीं मिलने और वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने राशन दुकान में ताला लगा दिया और प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को लखनपुर एसडीएम रामराज सिंह एवं तहसीलदार अमन चतुर्वेदी ग्राम गोरता पहुंचे। अधिकारियों ने राशन दुकान में उपलब्ध खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया और स्टॉक रजिस्टर सहित वितरण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच में करीब 247.73 क्विंटल चावल तथा 3.13 क्विंटल शक्कर की कमी सामने आई। इसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार कर जांच प्रतिवेदन बनाया।
तीन दिन में जवाब देने का नोटिस
प्रशासनिक अधिकारियों ने राशन दुकान संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर खाद्यान्न की कमी के संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समय में संचालक का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर नियमानुसार वैधानिक एवं एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। जांच प्रतिवेदन उच्चाधिकारियों को भी भेजा गया है।
900 हितग्राहियों में 564 जांच के दौरान रहे मौजूद
ग्रामीणों के अनुसार, गोरता राशन दुकान से लगभग 900 हितग्राही जुड़े हुए हैं। जांच के दौरान करीब 564 हितग्राही मौके पर उपस्थित रहे, जबकि शेष हितग्राही विभिन्न कारणों से उपस्थित नहीं हो सके। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दुकान में लगभग 600 क्विंटल राशन का गबन हुआ है। हालांकि प्रशासनिक जांच में फिलहाल 247.73 क्विंटल चावल और 3.13 क्विंटल शक्कर की कमी दर्ज की गई है। ग्रामीणों ने पूरे खाद्यान्न वितरण की विस्तृत जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
कार्रवाई पर टिकी ग्रामीणों की निगाहें
राशन दुकान में इतनी बड़ी मात्रा में खाद्यान्न की कमी सामने आने के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गरीब परिवारों के लिए सरकारी राशन जीवनयापन का महत्वपूर्ण सहारा है। ऐसे में यदि खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। अब बड़ा सवाल यह है कि संचालक के तीन दिन के जवाब के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और हितग्राहियों को उनके हक का राशन कब तक मिल पाता है।

