8 September 2026
“लुधियाना कमाने ले गए 17 साल के आदिवासी किशोर की संदिग्ध मौत: बेहोशी की हालत में घर छोड़ गए ठेकेदार, 3 माह की मजदूरी भी नहीं देने का आरोप”
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“लुधियाना कमाने ले गए 17 साल के आदिवासी किशोर की संदिग्ध मौत: बेहोशी की हालत में घर छोड़ गए ठेकेदार, 3 माह की मजदूरी भी नहीं देने का आरोप”

Sarguja express

सर्व आदिवासी समाज ने कमिश्नर-आईजी को सौंपा ज्ञापन, एफआईआर और मुआवजे की मांग

अंबिकापुरबलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम चेरा निवासी 17 वर्षीय आदिवासी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि करीब तीन महीने पहले मजदूरी के लिए पंजाब के लुधियाना ले जाए गए किशोर को दो ठेकेदार 5 सितंबर को बेहोशी की हालत में एम्बुलेंस से उसके घर छोड़कर चले गए। कुछ घंटे बाद किशोर की मौत हो गई। मामले को गंभीर बताते हुए सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग छत्तीसगढ़ ने सरगुजा संभाग के कमिश्नर और आईजी को ज्ञापन सौंपकर संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पीड़ित परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।
प्रदेश उपाध्यक्ष उदय कुमार पण्डो के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि मृतक ग्राम चेरा, चौकी डिण्डो, तहसील रामचंद्रपुर, खैरवार जनजाति से था। समाज एवं परिजनों का आरोप है कि करीब तीन माह पहले दो ठेकेदार उसे परिजनों की सहमति के बिना पाइपलाइन के काम के लिए लुधियाना ले गए थे। आरोप यह भी है कि इस अवधि की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।
ज्ञापन के मुताबिक 5 सितंबर को उसे एम्बुलेंस से बेहोशी की हालत में ग्राम चेरा स्थित उसके घर लाया गया। उस समय परिवार के सदस्य घर पर मौजूद नहीं थे। आरोप है कि उसे घर में छोड़कर ठेकेदार चले गए। शाम को परिजन वापस लौटे तो वह बेहोश मिला। इसके बाद शाम करीब 7 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदारों ने उनके बेटे की तबीयत खराब होने के कारण और उसके उपचार के संबंध में उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। सर्व आदिवासी समाज ने सवाल उठाया है कि यदि काम के दौरान किशोर की तबीयत बिगड़ी थी तो उसे अस्पताल में भर्ती कराकर तत्काल परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी गई। समाज ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सर्व आदिवासी समाज ने मामले में बाल श्रम, अनुसूचित जनजाति से संबंधित कानूनी प्रावधानों और कथित मानव तस्करी के पहलुओं की भी जांच करने की मांग की है। समाज ने संबंधित ठेकेदारों एवं मामले में संलिप्त अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने तथा मृतक के परिवार को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग रखी है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो सर्व आदिवासी समाज धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगा। समाज ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर किशोर की मौत की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की है।

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