6 September 2026
100 साल पुरानी मस्जिद भी अवैध तो फिर देश में वैध क्या है? सरकार जवाब दे : परवेज़ आलम गांधी
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100 साल पुरानी मस्जिद भी अवैध तो फिर देश में वैध क्या है? सरकार जवाब दे : परवेज़ आलम गांधी

Sarguja express….

अंबिकापुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में वर्षों पुरानी मस्जिद को अवैध बताकर बुलडोज़र से गिराए जाने की खबर पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी, अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव परवेज़ आलम गांधी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।

परवेज़ गांधी ने कहा कि आज़ादी से पहले, अंग्रेज़ों के दौर में बनी करीब 100 साल पुरानी मस्जिद को अचानक अवैध बताकर गिरा देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। अगर सौ साल पुराना धार्मिक स्थल भी आज सरकार की नजर में अवैध हो सकता है, तो भाजपा सरकार देश को बताए कि आखिर इस देश में वैध क्या है?

उन्होंने कहा कि यह सवाल सिर्फ एक मस्जिद का नहीं है, बल्कि कानून के समान इस्तेमाल और सरकार की नीयत का सवाल है। यदि किसी निर्माण में कानूनी खामी है तो उसकी जांच और कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, लेकिन किसी धर्मस्थल को बुलडोज़र से गिराना कानून के राज पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

परवेज़ गांधी ने कहा कि विकास प्राधिकरण के गठन से पहले बने जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण को लेकर सवाल उठाए जाते हैं, वहीं कलेक्ट्रेट बनने से पहले मौजूद अंग्रेज़ों के समय की मस्जिद को अवैध बताकर गिरा दिया जाता है। उन्होंने सवाल किया—कानून की कसौटी सबके लिए एक है या धर्म और राजनीतिक पहचान देखकर बदल जाती है?

उन्होंने भाजपा सरकार से सीधा सवाल किया, “क्या सरकार की नजर में हर मुसलमान अवैध है? मुसलमानों के धर्मस्थलों पर ही बुलडोज़र क्यों? यह बुलडोज़र राज आखिर कब तक चलेगा?”

परवेज़ गांधी ने कहा कि छात्रों के मुद्दे, बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा जैसे सवालों पर सरकार घिरी हुई है। ऐसे समय में जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाकर धार्मिक विवाद खड़े करना भाजपा की पुरानी राजनीतिक रणनीति बन चुकी है। युवाओं को रोजगार चाहिए, छात्रों को न्याय चाहिए और जनता को महंगाई से राहत चाहिए, लेकिन सरकार के पास जवाब के बजाय बुलडोज़र क्यों है?

उन्होंने कहा कि अपने ही देश के नागरिकों और उनके धार्मिक स्थलों को यदि सरकारी ताकत के जरिए निशाना बनाया जाएगा तो लोकतंत्र और संविधान में आम नागरिक का भरोसा कमजोर होगा। सरकारें आती-जाती हैं, लेकिन संविधान सर्वोपरि है।

परवेज़ गांधी ने मांग की कि सहारनपुर मस्जिद मामले की निष्पक्ष जांच हो, कार्रवाई की पूरी कानूनी प्रक्रिया सार्वजनिक की जाए और किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने कहा, “यह देश बुलडोज़र से नहीं, संविधान से चलेगा। नफरत और डर की राजनीति से नहीं, न्याय और समानता से मजबूत होगा।”

 

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