Sarguja express…..
अंबिकापुर।
आकाशवाणी के 90 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को आकाशवाणी अंबिकापुर द्वारा भव्य वाकाथन का आयोजन किया गया। देशभर में चल रहे समारोहों की श्रृंखला के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, कलाकारों, प्रस्तुतकर्ताओं, युवाओं और शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

वाकाथन की शुरुआत आकाशवाणी अंबिकापुर परिसर से हुई। यात्रा गांधी चौक, संगम चौक, देवीगंज रोड और महामाया चौक होते हुए पुनः आकाशवाणी परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने रेडियो और आकाशवाणी से जुड़े नारों के साथ 90 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को याद किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में सहायक निदेशक कार्यक्रम प्रमेन्द्र कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, विशेष टी-शर्ट एवं वाकाथन कैप भेंट कर किया। इसके बाद मुख्य अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर वाकाथन को रवाना किया।
मुख्य अतिथि लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने कहा कि रेडियो आज भी समाज के हर वर्ग तक पहुंचने वाला सबसे प्रभावी और विश्वसनीय माध्यम है। उन्होंने प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि रेडियो आज भी संवाद का सबसे सशक्त मंच बना हुआ है।
जिला भाजपा अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि फुलवारी और युववाणी जैसे कार्यक्रमों से उनका पुराना जुड़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में भी रेडियो की लोकप्रियता और विश्वसनीयता बनी हुई है।
पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के युग में भी रेडियो सबसे भरोसेमंद सूचना माध्यम है। उन्होंने जयमाला, कृषि जगत और बिनाका गीतमाला जैसे पुराने कार्यक्रमों को याद करते हुए अमीन सयानी को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने कहा कि बचपन में गांव की चौपालों में बैठकर रेडियो सुनना उनकी यादों का अहम हिस्सा रहा है। उन्होंने युववाणी, चौपाल और गीत-संगीत आधारित कार्यक्रमों को लोगों के जीवन से जुड़ा बताया।
पार्षद हरमिंदर सिंह टिन्नी ने अपने संबोधन की शुरुआत यह आकाशवाणी अंबिकापुर है… शैली से करते हुए कहा कि आकाशवाणी ने देश की आवाज, भारत की आवाज के रूप में ग्रामीण और शहरी समाज को जोड़ने का कार्य किया है।
वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे ने कहा कि उनके परिवार के सदस्य आकाशवाणी में अधिकारी रहे हैं। उन्होंने …भोको दास… धारावाहिक और सरगुजिया भाषा के चौपाल कार्यक्रम की स्मृतियों को साझा किया।
कार्यक्रम में पार्षद पपिंदर सिंह, वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश मिश्रा, पार्षद शशिकांत जायसवाल, कांत दुबे, रविशंकर पांडेय, शैलेश कुमार सिंह, वरिष्ठ पार्षद विजय सोनी, पशु चिकित्सक डॉ. सी. के. मिश्रा, कृषि विज्ञान केंद्र अंबिकापुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. प्रशांत शर्मा, प्रमुख संदीप शर्मा, हमर हाथी हमर गोठ के प्रस्तुतकर्ता अमलेंदु मिश्रा, आकाशवाणी से जुड़े अनंगपाल दीक्षित ,आदित्य नारायण वर्मा, नरेंद्र सिंह टुटेजा, रेलवे बोर्ड के सलाहकार मुकेश तिवारी, शास्त्री ऑटोमोबाइल्स के संचालक रत्नेश पांडे चंदा, सुनील दुबे और नेवी ने भी अपने विचार रखे।
वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश मिश्रा ने आकाशवाणी अंबिकापुर के प्रथम स्टेशन डायरेक्टर अमीक हनफी और पुराने कलाकारों के योगदान को याद किया।
अंत में सहायक निदेशक कार्यक्रम प्रमेन्द्र कुमार ने आभार प्रदर्शन करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत की पहली सूचना से लेकर राष्ट्रीय महत्व की अनेक ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी आकाशवाणी रहा है। उन्होंने कहा कि 90 वर्षों में आकाशवाणी ने समाज के हर वर्ग तक अपनी मजबूत पहुंच बनाते हुए उत्कृष्ट प्रसारण परंपराओं को कायम रखा है।

